गुलमर्ग की घाटियों में आठ जनवरी को लापता हुए सैनिक राजेंद्र सिंह का पार्थिव शरीर मिलने की सूचना के बाद पज्याणा गांव में मातम छा गया। गांव में रह रहे उनके माता-पिता, भाई व अन्य परिजन बेसुध हो गए। राजेंद्र सिंह के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
आठ महीने से लापता शहीद बेटे के इंतजार में थे घरवाले, अब तिरंगे में लिपटकर पहुंचेगा पार्थिव शरीर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आदिबदरी
Published by: अलका त्यागी
Updated Sun, 16 Aug 2020 08:32 PM IST
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