उत्तराखंड सिर्फ देवभूमि ही नहीं वीरों की भूमि भी है। पिछले छह महीने में यहां की मांओं ने अपने कई वीर बेटे देश की रक्षा में न्योछावर कर दिए। जानिए, इनकी जाबांजी की कहानी...
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jeet bahadur singh thapa
- फोटो : amarujala
हम आपको बता रहे हैं उत्तराखंड की देवभूमि से ताल्लुक रखने वाले देश के वीर जवानों की। बता दें कि 12 जून को जम्मू एंड कश्मीर में आतंकियों से लड़ते हुए देहरादून का वीर सिपाही जीत बहादुर थापा लड़ते हुए शहीद हो गया।
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jeet bahadur thapa
- फोटो : amar ujala
जीत बहादुर तीन माह बाद रिटायर आने वाले थे। लेकिन उससे पहले ही वह तिरंगे में लिपटे हुए घर पहुंचे। हालांकि उनके परिवार को अपने बेटे की बहादुरी पर गर्व है। लेकिन खो जाने का दुख भी।
इससे पहले 18 अप्रैल 2017 को जम्मू कश्मीर के पुंछ सेक्टर में पाकिस्तान की ओर से की गई गोलीबारी में नैनीताल जनपद स्थित कोटाबाग ब्लॉक की ग्राम सभा आंवलाकोट निवासी सैनिक मनमोहन बुधानी शहीद हो गए थे।
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शहीद हवलदार रवींद्र सिंह दिगारी
10 मार्च 2017 को पिथौरागढ़ जनपद के कनालीछीना तहसील के कंडाली ग्राम पंचायत के अंतर्गत रिठगढ़ निवासी हवलदार रवींद्र सिंह दिगारी (52) पुत्र बहादुर सिंह दिगारी नागालैंड में तैनात थे। उग्रवादियों से मुठभेड़ में उनकी मौत हो गई।