पुलिस के हत्थे चढ़े 50 हजार के इनामी माओवादी देवेंद्र चम्याल ने ऐसे राज खोले हैं जिन्हें सुनकर पुलिस महकमा सकते में आ गया है। उत्तराखंड के भवाली में चुनाव विरोधी पर्चे चिपकाने और जिंदल स्कूल के खिलाफ नानीसार में पर्चे फेंकने की घटना में शामिल होने की बात स्वीकार की है। माओवादी के साथ पकड़ी गई भगवती भोज तीन साल से उसके संगठन से जुड़ी है। दोनों पंचेश्वर बांध विरोधी मिशन पर लगे थे।
पकड़े गए माओवादी ने उगले ऐसे राज, सकते में आया पुलिस विभाग
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बस की तलाशी लेने पर अल्मोड़ा जिले के दसांऊ नगरखान पेटशाल निवासी देवेंद्र चम्याल पुत्र मदन सिंह चम्याल के साथ लखनाड़ी सोमेश्वर निवासी भगवती भोज पुत्री शिव सिंह भोज को माओवादी विचारधारा से संबंधित पर्चे ओर पोस्टर के साथ गिरफ्तार कर लिया। पकड़े जाने पर देवेंद्र ने अपने कई गलत नाम बताए लेकिन नाम उसके हाथ पर डी गुदा था, इसी कारण पुलिस को समझने में देर नहीं लगी कि वह देवेंद्र चम्याल है। पता चला कि दोनों ने 21 सितंबर को अल्मोड़ा में उत्तराखंड जोनल कमेटी के सचिव खीम सिंह बोरा से मुलाकात की थी। फरवरी 2017 में अपने पांच अन्य साथियों के साथ उन्होंने धारी क्षेत्र में माओवादी पंफलेट, पोस्टर और झंडे लगाए थे। इसके अलावा दीवारों पर राज्य विरोधी, चुनाव विरोधी नारे भी लिखे थे। देवेंद्र ने बताया कि नानकमत्ता थाना क्षेत्र की घटना में इनाम घोषित होने के बाद वह 2009 से 2013 तक झारखंड में रहा। लौटने पर 2014 में उसकी मुलाकात भगवती भोज से हुई।
भगवती अपना परिवार छोड़कर माओवादी संगठन का कार्य करने के लिए तैयार हो गई। पुलिस ने दोनों से संगठन के कई सदस्यों के बारे में जानकारी हासिल की है। डीजीपी ने पुलिस टीम को 20 हजार रुपये का इनाम और कांस्टेबल इरफान को पुलिस पदक दिलाने की घोषणा की है। देवेंद्र चम्याल की सहयोगी महिला भगवती भोज ने पुलिस के हत्थे चढ़ने पर अपने मोबाइल के मैसेज मिटा दिए। पुलिस का कहना है कि मोबाइल में किस प्रकार के मैसेज थे एसओजी की टीम इसकी जांच करेगी।