आज दूसरे दिन भी मकर संक्रान्ति के पर्व पर हरिद्वार में तड़के से ही स्नान जारी है। देश भर से बड़ी संख्या में श्रद्धालु हरिद्वार पहुंचे हैं।श्रद्धालुओं की उमड़ी भीड़ को देखते हुए पुलिस प्रशासन द्वारा सुरक्षा के लिए खास प्रबंध किए गए है। घाटों पर जगह-जगह पुलिस कर्मी तैनात है।
Makar Sankranti 2023: हरिद्वार में तड़के से गंगा स्नान जारी, साढ़े तीन लाख श्रद्धालुओं ने कमाया पहले दिन पुण्य
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श्रद्धालुओं ने हरकी पैड़ी ब्रह्मकुंड पर ब्रह्म मुहूर्त पर स्नान शुरू कर दिया। हरकी पैड़ी और आसपास के सटे घाटों पर श्रद्धालुओं की भीड़ रही। जैसे-जैसे दिन चढ़ा तो श्रद्धालुओं की संख्या भी बढ़ती चली गई। दोपहर के समय धूप निकलने पर सभी गंगा घाट श्रद्धालुओं की भीड़ से पैक रहे।
ज्योतिषाचार्य डॉ. प्रतीक मिश्रपुरी का कहना है कि सूर्य जब एक राशि से दूसरी राशि में प्रवेश करता है तो उसे संक्त्रसंति कहते हैं। जब सूर्य धनु राशि से मकर राशि में प्रवेश करता है तो 6 माह के लिए उसकी गति उत्तरभिमुक्ख हो जाती है। इस काल में समस्त मुहूर्त पूर्ण फल प्रदान करते हैं। शनिवार रात्रि 8.44 बजे सूर्य का धनु राशि से मकर राशि में प्रवेश हो गया। इसका पुण्य काल शनिवार दोपहर 2.20 बजे से प्रारंभ होगा, जो रविवार तक रहेगा। इसमें सूर्य उपासना, चावल-दाल, तिल, कंबल का दान, श्री सूक्त का पाठ करना विशेष प्रभावी होगा।
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मकर संक्त्रसंति पर गढ़वाल से कई देव डोलियां गंगा स्नान के लिए हरिद्वार हरकी पैड़ी पहुंची। श्रद्धालु ढोल-दमाऊं की थाप के साथ देव डोलियां लेकर पहुंचे। मां गंगा की पूजा अर्चना करने के बाद देवी-देवताओं को भी गंगा स्नान कराया। उत्तराखंड में कुमाऊं क्षेत्र में मकर संक्त्रसंति को घुघुतिया के नाम भी मनाया जाता है। हरिद्वार में कुमाऊं मूल के हजारों परिवार रहते हैं। मकर संक्त्रसंति पर परिवारों ने घुघते बनाए और रविवार को ईष्ट देवता को चढ़ाए जाने के बाद सबसे पहले बतौर सगुन कौआ को खिलाए जाएंगे।