हाड़ कंपाने वाली ठंड पर आस्था के सागर में श्रद्धालुओं ने डुबकी लगाकर सूर्य को अर्घ्य दिया। तस्वीरें...
मकर संक्रांति के पर्व पर हजारों श्रद्धालुओं ने गंगा में डुबकी लगाकर पुण्य अर्जित किया। गंगा स्नान और पूजन के बाद श्रद्धालुओं ने दान किया। कुशावर्त घाट पर यज्ञोपवीत आदि संस्कार संपन्न कराए। स्नान पर्व सकुशल संपन्न कराने के लिए प्रशासन और पुलिस की ओर से विशेष इंतजाम किए गए थे। ज्यादा भीड़ नहीं उमड़ने से शहर के अंदर और हाईवे पर यातायात व्यवस्था सामान्य बनी रही।
मकर संक्रांति स्नान के लिए बाहरी राज्यों से श्रद्धालु शनिवार रात को ही हरिद्वार पहुंच गए थे। मकर संक्रांति के स्नान के लिए सबसे ज्यादा श्रद्धालु उत्तराखंड के गढ़वाल और कुमाऊं मंडल के अलावा जम्मू काश्मीर और हिमाचल प्रदेश से पहुंचे थे। सुबह के समय कड़ाके की ठंड होने के कारण स्नान धीमी गति से शुरू हुआ।
सुबह के समय गंगा घाटों पर श्रद्धालुओं की संख्या काफी कम थी। सात बजे के बाद श्रद्धालुओं की भीड़ बढ़नी शुरू हुई। जैसे-जैसे दिन चढ़ता गया हरकी पैड़ी समेत गंगा के विभिन्न घाटों पर श्रद्धालुओं की भीड़ बढ़ती चली गई। तीसरे पहर तक स्नान चलता रहा। सूर्य के मकर राशि में प्रवेश के बाद स्नानार्थियों की संख्या अधिक हुई। गंगा स्नान के बाद श्रद्धालुओं ने मकर के सूर्य को अर्घ्य प्रदान किया। गंगा स्नान के बाद श्रद्धालुओं ने खिचड़ी का दान किया।
रविवार को सुबह उत्तराखंड गढ़वाल के टिहरी जिले से मां भगवती की डोली के साथ सैकड़ों श्रृद्धालुओं ने गंगा में पवित्र स्नान किया। इस दौरान श्रृद्धालुओं ने मां भगवती की डोली पर जगह-जगह पुष्प वर्षा कर अभिनंदन किया। देवी की डोली के हरकी पैड़ी पहुंचने पर श्रृद्धालुओं ने मां भगवती का आर्शीवाद लिया। इस दौरान देवी की डोली एवं प्रतीक चिह्नों का विधि-विधान पूर्वक गंगा स्नान कराया गया। इस दौरान डोली के साथ पहुंचे पूजारी पूजा-अर्चना कर अपने गंतव्य के लिए रवाना हुए।