उत्तराखंड के चंपावत में ऐतिहासिक पूर्णागिरि मेला मंगलवार से शुरू हो गया है। मां के जयकारों के बीच प्रदेश के संसदीय कार्य मंत्री बंशीधर भगत ने ठुलीगाड़ प्रवेश द्वार पर फीता काटकर मेले का शुभारंभ किया। 30 अप्रैल तक चलने वाले मेले के पहले दिन करीब 15 हजार भक्तों ने देवी मां के दर्शन किए। बंशीधर भगत ने कहा कि श्रद्धालुओं के लिए सरकार की ओर से यहां और बेहतर सुविधाएं विकसित की जाएंगी।
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पूर्णागिरी मेले का उद्घाटन करते कैबिनेट मंत्री बंशीधर भगत
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प्रशासन और मंदिर समिति ने मेले के उद्घाटन का भव्य कार्यक्रम आयोजित किया। क्षेत्रीय विधायक कैलाश गहतोड़ी ने कहा कि पूर्णागिरि मेला स्थानीय लोगों के लिए रोजगार का एक बड़ा माध्यम है। आने वाले समय में मेले को वृहद रूप देकर रोजगार के अवसर बढ़ाए जाएंगे। उन्होंने अधिकारियों को मेले की व्यवस्थाओं पर नियमित निगरानी रखने के लिए कहा।
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पूर्णागिरी मेले में प्रस्तुति देते कलाकार
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उन्होंने कहा है कि मेले में कोरोना से बचाव के लिए श्रद्धालुओं को सरकार की गाइडलाइन का पालन करना होगा। मां पूर्णागिरि धाम में हर साल होली के अगले दिन से तीन माह का मेला लगता है, लेकिन इस बार कोरोना संक्रमण के खतरे को देखते हुए प्रशासन ने मेला अवधि 30 दिन तय की है। 30 मार्च से शुरू हो रहा मेला 30 अप्रैल तक चलेगा।
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पूर्णागिरी मंदिर
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एसपी लोकेश्वर सिंह ने पूर्णागिरि मेला ड्यूटी में तैनात पुलिस अधिकारियों को मेले की सुरक्षा व्यवस्था पर कड़ी नजर रखने के निर्देश दिए। उन्होंने केंद्र और प्रदेश सरकार की ओर से कोरोना से संबंधित जारी नियमों का पालन करते हुए श्रद्धालुओं से भी नियमों का पालन कराने, यातायात व्यवस्था सुचारु रखने, स्नानघाटों पर विशेष नजर रखने के लिए कहा।
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पूर्णागिरी धाम
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पूर्णागिरि मेले में इस बार भी रोडवेज टनकपुर से पूर्णागिरि के लिए दस बसें चलाएगा। एआरएम संचालन केएस राणा ने बाताया कि पूर्णागिरि मार्ग पर चलाने को दस बसों की व्यवस्था की गई है। बसों का संचालन रोडवेज बस स्टेशन से किया जाएगा।