मशहूर गीतकार और पद्मभूषण से सम्मानित कवि गोपालदास नीरज की अस्थियों को उनके बेटे मिलन प्रभात और पौत्र पल्लव नीरज ने मंगलवार को हरकी पैड़ी पर गंगा में विसर्जित किया। इस दौरान उनके पुत्र ने गोपालदास को भारत रत्न से सम्मानित करने की मांग की।
हरिद्वार: मशहूर गीतकार और कवि गोपालदास नीरज की अस्थियां गंगा में विसर्जित
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मिलन प्रभात ने बताया कि गोपालदास नीरज मरणोपरांत अपना शरीर दान करना चाहते थे, लेकिन शरीर में इन्फेक्शन होने से उनके पूरे शरीर में संक्रमण फैल गया था। ऐसे में डाक्टर ने उन्हें शरीर दान करने से मना किया।
दो बार सरकार ने किया सम्मानित
गोपालदास नीरज को फिल्मों में सर्वश्रेष्ठ गीत लिखने के लिए 1970, 1971 और 1972 में लगातार तीन बार फिल्म फेयर पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। वहीं उन्हें विश्व उर्दू परिषद पुरस्कार से भी सम्मानित किया जा चुका है। उत्तर प्रदेश हिंदी संस्थान की ओर से 1994 में यश भारती एवं एक लाख रुपये पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। जबकि वर्ष 1991 में पद्मश्री और वर्ष 2007 में पद्म भूषण से सम्मानित किया जा चुका है।