शिव-पार्वती के विवाह की गवाह अखंड ज्योति आज भी निरंतर जल रही है। जिसके दर्शन करने के लिए यहां भक्तों की भीड़ लगी रहती है।
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मिल गई वो जगह जहां है शिव-पार्वती के विवाह की गवाह अखंड ज्योति, तस्वीरें...
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
Updated Mon, 29 Jan 2018 08:30 AM IST
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triyuginarayan temple
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triyuginarayana temple
इस स्थान का नाम है त्रियुगीनारायण। यह उत्तराखंड के रूद्रप्रयाग जिले में है। मंदिर में एक ज्योति हर समय जलती रहती है। इसे अखंड ज्योति कहते हैं। कहते हैं कि यह उसी समय से जलती आ रही है जब शिवजी और पार्वती के फेरे हुए। श्रद्धालु इसे बहुत पवित्र मानते हैं।
त्रियुगी नारायण मंदिर
मान्यता है कि इसकी ज्योति की भस्म में सुख, सौभाग्य और सफलता प्रदान करने की शक्ति है। इसलिए लोग इसे अपने माथे पर लगाते हैं। इसे लगातार जलाए रखने के लिए श्रद्धालु शुद्ध घी के साथ हवन की सामग्री डालते रहते हैं। सर्दी हो या गर्मी अथवा तेज बरसात, यह ज्योति हमेशा जलती रहती है।
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shiv parvati marriage in triyugi narayan
पौराणिक कथाओं के अनुसार जब देवी पार्वती ने भगवान शिव को पति के रूप में प्राप्त करने के लिए घोर तप किया। उनके नाम पर यहां गौरी कुंड बना है जिसका जल बहुत पवित्र माना जाता है।
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triyugi narayan temple
तीनों देवों के सम्मान में यहां तीन कुंड हैं। कहते हैं कि इन्हीं कुंडों में उन्होंने स्नान किया था। इस स्थान पर आदिगुरु शंकराचार्य भी आए थे। उन्होंने भगवान शिव और मां पार्वती की प्राचीन प्रतिमाएं स्थापित कराईं।