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बागपत में नहीं यहां है पांडवों का लाक्षागृह, केंद्र सरकार को खुदाई के लिए भेजा पत्र
Tue, 07 Nov 2017 04:18 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, विकासनगर
ब्यूरो/अमर उजाला, विकासनगर
Updated Tue, 07 Nov 2017 04:18 PM IST
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भले ही केंद्र सरकार ने बागपत जिले में पांडवों के लाखागृह के राज से पर्दा उठाने के लिए खुदाई की अनुमति दे दी हो, लेकिन यहां भी लोगों का दावा है कि पांडवों का लाक्षागृह बागपत में नहीं बल्कि यहां है। इसके लिए केंद्र सरकार को पत्र भी भेजा गया है।
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भाजपा जनजातीय मोर्चा के प्रदेश महामंत्री गीताराम गौड़ ने पुरातत्व विभाग से लाखामंडल क्षेत्र की खुदाई करवाने की मांग को लेकर ज्ञापन केंद्रीय पर्यटन महेश शर्मा मंत्री को भेजा। ज्ञापन में उन्होंने कहा कि लाखामंडल क्षेत्र में पांडवों का इतिहास छिपा है।
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लाखामंडल क्षेत्र में थोड़ी सी खुदाई से पौराणिक काल की मूर्तियां निकलती हैं। अब तक यहां सैकड़ों मूर्तियां और लाखों की संख्या में शिवलिंग निकल चुके हैं। जिसके चलते लाखामंडल को देवनगरी की संज्ञा दी जाती है। उन्होंने कहा कि स्थानीय लोगों की मान्यता और दावा है कि लाक्षागृह भी लाखामंडल के पुड़िया नामक स्थान पर स्थित है।
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यहां आज भी वह गुफा विद्यामान है, जहां से निकल कर पांडवों ने अपनी जान बचाई थी। लाखामंडल के ऐतिहासिक और पौराणिक महत्व को देखते हुए यहां हर साल हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं के साथ ही शोधार्थी पहुंचते हैं। यह क्षेत्र पुरातत्व विभाग की देखरेख में है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने यूपी के बागपत जिले के बरनावा टीली की खुदाई की अनुमति दे दी हैं।
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वहां के लोगों का दावा है कि लाक्षागृह वहां हैं, जबकि लाक्षागृह के सैकड़ों भौतिक प्रमाण आज भी लाखामंडल में मौजूद हैं। उन्होंने कहा कि इतिहासकार और अंग्रेजी लेखक भी यह स्वीकार चुके हैं कि लाखामंडल में ही दुर्योधन ने पांडवों के वध के लिए लाक्षागृह का निर्माण कराया था।
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