सोमवार दोपहर को हुई भारी बारिश के बाद ओजरी-डबरकोट में भूस्खलन होने से यमुनोत्री हाईवे करीब तीन घंटे अवरुद्ध रहा। हाईवे बंद होने से दर्जनों यात्री वाहन सड़क के दोनों छोर पर फंसे रहे। शाम करीब पौने छह बजे एनएच कर्मचारियों ने मलबा हटाकर यातायात सुचारु कर दिया। हालांकि मार्ग में बने दलदल व मौसम के रुख को देखते हुए यहां यातायात अब भी जोखिम भरा बना हुआ है।
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यमुनोत्री हाईवे
- फोटो : अमर उजाला
वर्ष 2017 में सक्रिय हुआ ओजरी-डबरकोट लैंडस्लाइड जोन बीते दो साल से यमुनोत्री हाईवे के लिए नासूर बना हुआ है, लेकिन शासन प्रशासन की अनदेखी के चलते आज तक इस समस्या का कोई समाधान नहीं खोजा जा सका है।
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यमुनोत्री हाईवे पर मलवा
- फोटो : अमर उजाला
इससे प्रत्येक मानसून सीजन में भूस्खलन होने से चार धाम यात्रियों व स्थानीय ग्रामीणों को करीब 300 मीटर लंबे इस रास्ते पर जोखिम भरी आवाजाही करनी पड़ती है। सोमवार दोपहर करीब तीन बजे हुई भारी बारिश से ओजरी-डबरकोट स्लाइड जोन में भूस्खलन सक्रिय हो गया, जिससे यमुनोत्री धाम आने जाने वाले करीब तीन दर्जन से अधिक यात्री वाहन हाईवे के दोनों किनारों पर फंस गए।
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यमुनोत्री हाईवे बंद होने से फंसा वाहन
- फोटो : अमर उजाला
पहाड़ी से लगातार पत्थर गिरने की वजह से एनएच विभाग के कर्मचारी भी काफी देर तक नहीं खोल सके। हालांकि बारिश थमने के बाद कर्मचारियों ने जेसीबी से मलबा हटाकर शाम करीब पौने छह बजे हाईवे खोला। इसके बाद वाहनों की आवाजाही शुरू हो पाई।
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यमुनोत्री हाईवे पर गिर रहे पत्थर
- फोटो : अमर उजाला
बारिश की वजह से करीब 300 मीटर हिस्से में बने दलदल व दोबारा बारिश होने की आशंकाओं के चलते अभी भी खतरा बना हुआ है। एनएच के ईई नवनीत पांडे ने बताया कि मानसून सीजन के मद्देनजर ओजरी-डबरकोट स्लाइड जोन के दोनों छोर पर जेसीबी व कर्मचारी तैनात किए गए हैं।