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Dehradun News: भ्रष्टाचार पर चर्चा की मांग, कांग्रेस विधायकों का हंगामा
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Iबेल में आकर काले झंडे लहराए, नारेबाजी की, कार्यसूची फाड़कर पर्चे उड़ाएI
Iविधानसभा सत्र के दूसरे दिन कांग्रेस ने भ्रष्टाचार व अन्य मुद्दों पर सदन के अंदर और बाहर जमकर हंगामा किया। बुधवार को सत्र शुरू होने से पहले कांग्रेस विधायकों ने भ्रष्टाचार को लेकर बाहर प्रदर्शन किया। इसके बाद सदन में भ्रष्टाचार के मुद्दे पर नियम 310 के तहत चर्चा कराने की मांग पर कांग्रेस विधायकों ने बेल में आकर काले झंडे लहराए, नारेबाजी की और कार्यसूची फाड़कर पर्चे उड़ाए। पीठ से विस अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी भूषण ने कई बार विधायकों को सदन की गरिमा का ध्यान रखने और सीट पर बैठने का आग्रह किया।I
Iनेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने सत्र शुरू होते ही सदन में भ्रष्टाचार की सूचना पर नियम 310 के तहत चर्चा कराने की मांग की लेकिन विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी भूषण ने इसे नियम-58 में कार्यस्थगन प्रस्ताव में स्वीकार नहीं किया। इस पर कांग्रेस के सभी विधायकों ने बेल में आकर जमकर नारेबाजी की। विपक्ष के हंगामे के कारण प्रश्नकाल प्रभावित रहा। इस पर सदन की कार्यवाही तीन बार स्थगित करनी पड़ी। I
Iपीठ से विस अध्यक्ष बार-बार विपक्ष के विधायकों को प्रश्नकाल चलने का आग्रह करती रही लेकिन विपक्ष ने अपना विरोध जारी रखा। कांग्रेस विधायक रवि बहादुर 210 करोड़ का झुमका कहां गया के नारे लगाने पर विस अध्यक्ष ने आपत्ति जताते हुए मर्यादित शब्दों का इस्तेमाल करने के निर्देश दिए लेकिन विधायकों ने एक नहीं सुनीं। I
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Iनेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य, प्रीतम सिंह, उपनेता भुवन कापड़ी ने कहा, सरकार लोकतांत्रिक परंपराओं का हनन कर रही है। सदन में विपक्ष की आवाज को दबाने का प्रयास किया जा रहा है। विपक्ष जनहित के मुद्दों को सदन में उठाना चाहता था। प्रदेश में भ्रष्टाचार का बोलबाला है। कानून व्यवस्था का डर नहीं है और महिला अपराध लगातार बढ़ रहे हैं। लेकिन सरकार जवाब देने से बच रही है।I
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Iविधानसभा सत्र के दूसरे दिन कांग्रेस ने भ्रष्टाचार व अन्य मुद्दों पर सदन के अंदर और बाहर जमकर हंगामा किया। बुधवार को सत्र शुरू होने से पहले कांग्रेस विधायकों ने भ्रष्टाचार को लेकर बाहर प्रदर्शन किया। इसके बाद सदन में भ्रष्टाचार के मुद्दे पर नियम 310 के तहत चर्चा कराने की मांग पर कांग्रेस विधायकों ने बेल में आकर काले झंडे लहराए, नारेबाजी की और कार्यसूची फाड़कर पर्चे उड़ाए। पीठ से विस अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी भूषण ने कई बार विधायकों को सदन की गरिमा का ध्यान रखने और सीट पर बैठने का आग्रह किया।I
Iनेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने सत्र शुरू होते ही सदन में भ्रष्टाचार की सूचना पर नियम 310 के तहत चर्चा कराने की मांग की लेकिन विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी भूषण ने इसे नियम-58 में कार्यस्थगन प्रस्ताव में स्वीकार नहीं किया। इस पर कांग्रेस के सभी विधायकों ने बेल में आकर जमकर नारेबाजी की। विपक्ष के हंगामे के कारण प्रश्नकाल प्रभावित रहा। इस पर सदन की कार्यवाही तीन बार स्थगित करनी पड़ी। I
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Iपीठ से विस अध्यक्ष बार-बार विपक्ष के विधायकों को प्रश्नकाल चलने का आग्रह करती रही लेकिन विपक्ष ने अपना विरोध जारी रखा। कांग्रेस विधायक रवि बहादुर 210 करोड़ का झुमका कहां गया के नारे लगाने पर विस अध्यक्ष ने आपत्ति जताते हुए मर्यादित शब्दों का इस्तेमाल करने के निर्देश दिए लेकिन विधायकों ने एक नहीं सुनीं। I
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Iनेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य, प्रीतम सिंह, उपनेता भुवन कापड़ी ने कहा, सरकार लोकतांत्रिक परंपराओं का हनन कर रही है। सदन में विपक्ष की आवाज को दबाने का प्रयास किया जा रहा है। विपक्ष जनहित के मुद्दों को सदन में उठाना चाहता था। प्रदेश में भ्रष्टाचार का बोलबाला है। कानून व्यवस्था का डर नहीं है और महिला अपराध लगातार बढ़ रहे हैं। लेकिन सरकार जवाब देने से बच रही है।I