यूपी के लखीमपुर खीरी की घटना के बाद हरिद्वार जिले में हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है। खुफिया एजेंसी से जिले में उपद्रव होने के इनपुट मिलने के बाद पुलिस मुख्यालय ने पुलिस अधिकारियों को चौकसी बरतने के निर्देश दिए हैं। खासकर यूपी की सीमाओं से सटे गांवों पर पुलिस और खुफिया विभाग को पैनी नजर रखने के निर्देश दिए हैं। ऐसे में पुलिस व खुफिया विभाग किसानों और ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों की गतिविधियों पर पैनी नजर रख रही है।
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लखीमपुर खीरी में किसानों के विरोध प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा की आंच हरिद्वार जिले तक भी पहुंच गई है। सोमवार को तमाम किसान संगठनों ने विरोध प्रदर्शन किया। वहीं, हिंसक घटनाओं को रोकने के लिए राज्य में दिसंबर तक राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (रासुका) लागू कर दी गई है। पुलिस मुख्यालय की ओर से सभी जिलों को अलर्ट कर दिया गया है।
खासकर हरिद्वार और ऊधमसिंह नगर जिले में पुलिस अधिकारियों को पैनी नजर रखने के आदेश दिए गए हैं। खुफिया एजेंसियों ने सरकार को इस तरह के इनपुट दिए हैं कि हरिद्वार और ऊधमसिंह नगर जिले में किसान उग्र हो सकते हैं। ऐसे में हरिद्वार के पुलिस और प्रशासन के अधिकारी एक्शन मोड पर आ गए हैं।
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लखीमपुर खीरी की घटना के बाद हरिद्वार में अलर्ट
- फोटो : अमर उजाला
पुलिस अधिकारियों ने जिले के सभी कोतवाली और थाना प्रभारियों व एलआईयू को अलर्ट रहने के निर्देश दिए हैं। ऐसे में पुलिस की नजर यूपी से सटे किसान बाहुल्य क्षेत्र मंगलौर, नारसन, झबरेड़ा, लक्सर, भगवानपुर क्षेत्र पर है। पुलिस और खुफिया विभाग किसान संगठनों की गतिविधियों के बारे में पल-पल का अपडेट अधिकारियों को दे रहे हैं।
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लखीमपुर खीरी की घटना के बाद हरिद्वार में अलर्ट
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हरिद्वार जिले से सटे यूपी के पड़ोसी जिले सहारनपुर, मुजफ्फरनगर और बिजनौर के किसान संगठनों पर भी स्थानीय पुलिस व खुफिया विभाग नजर गड़ाए है। इस संबंध में स्थानीय पुलिस यूपी के जिलों की पुलिस से भी लगातार संपर्क में है।
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लखीमपुर खीरी की घटना के बाद हरिद्वार में अलर्ट
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हरिद्वार में यूपी के लखीमपुर की घटना के विरोध में कांग्रेसियों ने सड़कों पर उतरकर विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने देवपुरा तिराहे पर केंद्र सरकार का पुतला दहन किया। इस मौके पर प्रदेश प्रवक्ता गरिमा मेहरा दसौनी ने लखीमपुर की घटना की कड़ी निंदा की।
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दसौनी ने कहा कि लखीमपुर की घटना ने भाजपा के मंत्रियों के मंसूबों की पोल खोल दी है। प्रदेश सचिव प्रदीप चौधरी, पूर्व दर्जाधारी मकबूल कुरैशी और महिला जिलाध्यक्ष विमला पांडे ने कहा कि लोकतंत्र का गला घोंटा जा रहा है। अपने अधिकारों की आवाज उठाने वालों को कुचला जा रहा है।