केदारनाथ धाम में आई जल प्रलय के सात साल पूरे हो गए हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की केदारनाथ धाम में गहरी आस्था है। प्रधानमंत्री बनने के बाद से केदारनाथ पुनर्निर्माण कार्यों की मॉनीटरिंग वह स्वयं कर रहे हैं। इतना ही नहीं पिछले साल वे सुरक्षित यात्रा का संदेश देने के लिए खुद केदारनाथ आए थे और 17 घंटे यहां साधना में लीन रहे थे।
केदारनाथ में जब वर्ष 2013 में आपदा आई थी तो नरेंद्र मोदी गुजरात के मुख्यमंत्री थे। केदारनाथ जाने के लिए मुख्यमंत्री मोदी उत्तराखंड पहुंचे थे, लेकिन तब सरकार ने उन्हें केदारनाथ जाने की अनुमति नहीं दी। हालांकि उस समय गुजरात के फंसे श्रद्धालुओं को निकालने के लिए उन्होंने विशेष अभियान चलवाया था।
आपको बता दें कि आपदा के बाद से धाम को भव्य स्वरूप प्रदान करने में उनकी सोच साफ तौर से झलकती है। वह नियमित रूप से राज्य सरकार से धाम के निर्माण कार्यों की जानकारी लेते हैं। निर्माण कार्यों को और बेहतर बनाने के लिए उनके सुझावों को राज्य सरकार पूरी तरह से अमल करती है।
व्यस्तता के बावजूद पीएम मोदी केदार बाबा के दर्शन के लिए नियमित आते रहे हैं। चुनाव चल रहे हों या कोरोना काल उनकी केदारनाथ धाम में चल रहे निर्माण कार्यों को लेकर गहरी रुचि रहती है। प्रधानमंत्री बनने के बाद मोदी चार बार बाबा केदार के दर्शन के लिए आ चुके हैं। पिछले लोकसभा चुनाव के अंतिम चरण का प्रचार खत्म कर मोदी ने केदारनाथ धाम में नवनिर्मित गुफा में ध्यान लगाया और रात बिताई।
उन्होंने चल रहे निर्माण कार्यों का निरीक्षण किया। इससे पहले भी बाबा केदार के दर्शन के साथ पुनर्निर्माण कार्यों के निरीक्षण के लिए आते रहे हैं। देश में कोरोना संक्रमण को लेकर पैदा हुई स्थितियों के बीच हाल ही में उन्होंने केदारनाथ धाम में चल रहे पुनर्निर्माण कार्यों की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से समीक्षा की। उन्होंने मंदिर परिसर और मार्ग को लेकर कई अहम सुझाव भी दिए।