शीतकाल में कपाट बंद होने के बाद जब बाबा केदार अपने गद्दीस्थल ओंकारेशवर मंदिर में विराजमान हो जाते हैं, उस वक्त केदारघाटी सूनी हो जाती है। लेकिन अब ऐसा नहीं है। बाबा केदार के धाम को भारी बर्फबारी के बाद भी जिस तरह से सजाया जा रहा है यह देखकर आप भी यकीन नहीं कर पाएंगे।
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केदारनाथ में बर्फ के बीच पुनर्निर्माण कार्य
केदारनाथ धाम को नया कलेवर देने के लिए करीब 70 से ज्यादा मजदूर और कंपनी के कर्मचारी पुनःनिर्माण कार्यों के लिए वहां रुके हुए हैं। वुडस्टोन कंस्ट्रक्शन कंपनी के इंचार्ज कैप्टन सोबन सिंह बिष्ट ने बताया कि यहां पानी पूरी तरह से जम चुका है। दिन में -7 तो शाम में तापमान -12 डिग्री तक पहुंच रहा है।
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केदारनाथ में बर्फ के बीच पुनर्निर्माण कार्य
केदारनाथ में मंदिर के पीछे भव्य पार्क का निर्माण किया जाएगा। करीब 200 मी. लंबे और 80 मी. चौड़े पार्क का डिजायन शासन को सौंप दिया गया है। आने वाले समय में श्रद्धालु पार्क में बैठकर जहां केदारपुरी के प्राकृतिक सौंदर्य को निहारेंगे, वहीं अपनी थकान भी मिटा सकेंगे।
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केदारनाथ में बर्फ के बीच पुनर्निर्माण कार्य
बीते पांच वर्ष से पुनर्निर्माण के दौर से गुजर रहे केदारनाथ धाम को भव्य बनाया जा रहा है। मंदिर परिसर व मंदिर मार्ग के विस्तार के साथ ही मंदाकिनी नदी पर आस्था पथ बन चुका है। दिव्यांग यात्रियों के मंदिर तक पहुंचने के लिए सरस्वती नदी के किनारे आस्था पथ बनाया जा रहा है। इधर, बीते दो माह से मंदिर के पीछे आदिगुरु शंकराचार्य की समाधि के पुनर्निर्माण के लिए खुदाई की जा रही है।
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केदारनाथ में बर्फ के बीच पुनर्निर्माण कार्य
इसके बाद यहां भव्य पार्क भी बनाया जाएगा। समाधि स्थल के पीछे आरसीसी वॉल तक बनने वाले इस पार्क में बुग्याली घास उगाई जाएगी, ताकि यहां पूरे यात्राकाल में हरियाली बनी रहे। साथ ही चारों तरफ रंग-बिरंगे फूलों के गमले लगाए जाएंगे। पार्क के चारों ओर एक समान दूरी पर झूले व बेंच लगेंगे, जिससे बाबा केदार के दर्शनों को आने वाले श्रद्धालु यहां समय बिता सकें।