सुहागिनों के लिए सबसे बड़ा पर्व करवा चौथ आज यानी गुरुवार को है। सुहागिनें निर्जला व्रत रख अमर सुहाग की कामना करेंगी। हिंदू पंचांग के अनुसार कार्तिक माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को करवा चौथ का त्योहार मनाया जाता है।
करवा चौथ पर सुहागिन महिलाएं सोलह शृंगार कर कठोर व्रत करती हैं। उधर करवा चौथ को लेकर बुधवार को भी बाजार में रोनक देखने को मिली। दुकानदारों ने करवा चौथ के सामान और तरह-तरह के उपहारों से अपनी दुकानों को सजाया हुआ है। लोग भी जमकर खरीदारी कर रहे हैं।
ज्योतिषाचार्य आचार्य डॉ. सुशांत राज ने बताया कि इस वर्ष कार्तिक कृष्ण पक्ष चतुर्थी तिथि 13 अक्तूबर को रात एक बजकर 59 मिनट से शुरू हो जाएगी। जो 14 अक्तूबर को रात तीन बजकर आठ मिनट पर समाप्त हो जाएगी। हिंदू धर्म में कोई भी व्रत-त्योहार उदया तिथि के आधार पर ही निर्धारित होता है।
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करवा चौथ
- फोटो : सोशल मीडिया
जबकि करवा चौथ की पूजा का समय शाम छह बजकर एक मिनट से रात सात बजकर 15 मिनट तक है।
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करवा चौथ
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वहीं उत्तराखंड राज्य में चांद निकलने का समय रात आठ बजकर 19 मिनट पर है। बताया कि सुखी वैवाहिक जीवन के लिए सुहागिनें करवा चौथ के दिन निर्जला व्रत रखती हैं और रात में चंद्रमा की पूजा के बाद पारण करती हैं।
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करवा चौथ
- फोटो : अमर उजाला फाइल फोटो
ज्योतिषाचार्य पंडित अनिल भट्ट ने बताया कि सुहागिन महिलाओं द्वारा अखंड सौभाग्य की प्राप्ति और पति की दीर्घायु के लिए करवा चौथ का व्रत किया जाता है। कहा जाता है कि विधि पूर्वक इस व्रत को करने से पति को लंबी आयु मिलती है।
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Karva chauth
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नवविवाहित जोड़ों में भी इस व्रत को मनाने के लिए उत्साह बना हुआ है।