उत्तराखंड-यूपी बॉर्डर पर सख्ती के बीच बाहरी प्रदेशों से बिना अनुमति के आने वालों ने संपर्क मार्गों के सहारे पुलिस के दावों में सेंध लगा दी है। सोमवार को सैकड़ों लोग इन संपर्क मार्गों से होकर उत्तराखंड की सीमा में दाखिल होकर सीधे भगवानपुर पहुंच गए।
क्षेत्र में दो दर्जन से भी ज्यादा संपर्क मार्ग हैं, जो खेतों और गांवों के बीच से होते हुए उत्तराखंड को उत्तर प्रदेश से जोड़ते हैं। कांवड़ यात्रा पर प्रतिबंध लगने के बाद स्थानीय पुलिस प्रशासन ने बॉर्डर के साथ ही संपर्क मार्गों पर पुलिस तैनात करने का दावा किया था, जो सोमवार को फेल साबित हुआ। बॉर्डर पर सख्त चेकिंग देख सैकड़ों लोग अपने वाहनों से बड़कलां, हसनपुर, झबरेड़ा, तेज्जूपुर, फकरेड़ी और क्वांटम कॉलेज होकर पुलिस से नजर बचाकर सीधे भगवानपुर पहुंचने में सफल रहे।
ऐसे में संपर्क मार्गों, जंगल के चोर रास्तों पर चेकिंग के पुलिस के दावे पर सवाल उठ रहे हैं। आशंका यह भी जताई जा रही है कि कांवड़िए भी इन्हीं रास्तों से होकर आसानी से हरिद्वार पहुंच सकते हैं। उधर, एसपी देहात एसके सिंह भी मानते हैं सोमवार को पहला दिन था, इसलिए हो सकता है कि कहीं व्यवस्था में चूक रह गई हो। उनका कहना है कि मंगलवार को संपर्क मार्गों पर पुलिस तैनात कर बाहरी लोगों को हर हाल में प्रदेश की सीमा में दाखिल होने से रोका जाएगा।
कांवड़ यात्रा के मद्देनजर सप्तऋषि सीमा पर भी चौकसी बढ़ा दी गई है। देहरादून से होकर कांवड़िए यहां न पहुंच जाए, इसलिए यह व्यवस्था की गई है। नगर पुलिस अधीक्षक कमलेश उपाध्याय ने बिलकुल भी लापरवाही न बरतने की सख्त हिदायत अधीनस्थों को दी है। जिले के अधिकांश बॉर्डर देहात क्षेत्र में है।
श्यामपुर क्षेत्र में चिड़ियापुर एवं लाहडपुर सीमावर्ती क्षेत्र हैं, लिहाजा वहां पहले से पुलिस फोर्स की पर्याप्त तैनाती की गई है, लेकिन देहरादून होते हुए कांवड़िए यहां न पहुंच जाएं, इसे लेकर भी हरिद्वार पुलिस सतर्क है। नगर पुलिस अधीक्षक कमलेश उपाध्याय ने इस बिंदु को देखते हुए सप्तऋषि चौकी पुलिस को पूरी तरह से अलर्ट रहने के निर्देश दिए हैं।