कोरोना और कांवड़ियों पर अंकुश लगाने के लिए अब हरिद्वार जिले की सीमाओं पर सीसीटीवी कैमरों से निगरानी होगी। एसएसपी ने अधीनस्थों को जनप्रतिनिधियों और औद्योगिक इकाइयों के सहयोग से सभी सीमाओं (चिड़ियापुर, काली नदी, मंडावर, तेज्जूपुर, नारसन, झबरेड़ा, पुरकाजी, बालावाली, अमानतगढ़) पर सीसीटीवी कैमरे लगवाने के निर्देश दिए हैं।
नारसन बॉर्डर स्थित संयुक्त जांच चौकी पर यात्रियों की सुविधा के लिए वाटर प्रूफ टेंट लगाया जा रहा है। उत्तराखंड आने वालों की स्क्रीनिंग, रजिस्ट्रेशन आदि के लिए कुछ दिनों पहले यहां व्यवस्था बनाई गई थी, लेकिन बरसात में परेशानी हो रही थी। वैसे तो उत्तराखंड में बाहरी राज्यों से आने यात्रियों पर प्रतिबंध है, लेकिन अस्थि विसर्जन के लिए आने वाले और प्रवासी अनुमति के साथ आ सकते हैं। इसके लिए पहले उन्हें बॉर्डर पर स्थित संयुक्त जांच चौकी पर रजिस्ट्रेशन और स्क्रीनिंग करानी होती है, लेकिन बरसात में परेशानी को देखते हुए यहां वाटर प्रूफ टेंट लगाए जा रहे हैं।
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रुड़की बॉर्डर पर चेकिंग
- फोटो : अमर उजाला
कोरोना संक्रमण के बीच सावन शुरू होते ही दूसरे प्रदेशों से आने वाले कांवड़ियों को रोकना पुलिस के लिए सबसे बड़ी चुनौती है। कांवड़ियों को रोकने के लिए सीमा पर पुलिस के साथ ही पीएसी लगाई गई है। संपर्क मार्गों और जंगल के रास्तों पर भी पुलिस चेकिंग कर रही है। यही नहीं, हरिद्वार पुलिस यूपी, हरियाणा समेत अन्य राज्यों में जाकर अधिकारियों से वार्ता कर रही है। बावजूद इसके इन प्रदेशों के कांवड़िए प्रदेश की सीमा में चोरी छिपे घुसने की कोशिश कर रहे हैं।
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- फोटो : प्रतीकात्मक तस्वीर
ऐसे में एसएसपी डी सेंथिल अबूदई कृष्णराज एस ने जिले की सीमाओं पर मैन पावर बढ़ाने के साथ ही सीसीटीवी कैमरे लगाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि सीसीटीवी कैमरे जल्द लगवाने के लिए अधीनस्थ अपने-अपने क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों और औद्योगिक इकाइयों से संपर्क कर सहयोग मांगें। ताकि सीमाओं पर समय रहते सीसीटीवी कैमरे लगाए जा सकें।
जिले की सभी सीमाओं पर पुलिस की ओर से अच्छी क्वालिटी के दस-दस सीसीटीवी कैमरे लगाने की योजना है। कैमरों को लगाने के साथ ही सीमा पर ही छोटा कंट्रोल रूम बनाया जाएगा। इसके अंदर बैठकर पुलिसकर्मी सीमा से गुजरने वाले प्रत्येक वाहन पर नजर रख सकेंगे।