बारिश होने से नगर क्षेत्र के आपदा प्रभावित घरों में दरारें चौड़ी हो रही हैं। इससे यहां रहने वाले परिवारों में खौफ का माहौल है। लोग रात को सो नहीं रहे हैं। मकानों में लगे क्रैकोमीटर ने भी जगह छोड़ दी है। जोशीमठ के रविग्राम वार्ड के राणा मोहल्ले के कई घरों में पहले से आई हल्की दरारें अब चौड़ी होने लगी हैं।
वार्ड के सभासद समीर डिमरी ने बताया कि यहां राणा मोहल्ले में करीब एक दर्जन भवनों में पूर्व में हल्की दरार आई हुई थी। जनवरी माह में सीबीआरआई रुड़की की ओर से इन भवनों पर पीले स्टीकर लगाए गए थे, साथ ही दरारों पर क्रैकोमीटर भी लगाए गए थे।
बरसात होने से यहां घरों की दरार बढ़ने लग गई हैं। अब यह घर भी असुरक्षित की श्रेणी में आ गए हैं। यहां रहने वाले परिवारों को खतरा बना हुआ है। एसडीएम जोशीमठ कुमकुम जोशी का कहना है कि यह पहले से आई दरारें हैं। नई दरारें आने का कोई मामला नहीं आया है। कहीं कोई दिक्कत होगी तो उसे दिखवा लिया जाएगा।
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दीवार में आई दरार।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
जनवरी माह में नगर में दरारें आनी शरू हुईं थीं। तब 868 घर चिह्नित किए गए थे, इनमें से 181 घरों पर सीबीआरआई ने लाल स्टीकर लगाकर उन्हें असुरक्षित घोषित कर दिया था।
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जोशीमठ: सुनील वार्ड में आई दरारें
- फोटो : amar ujala
हल्की दरार वाले घरों पर पीले स्टीकर लगा दिए गए थे। पीले स्टीकर वाले घरों को असुरक्षित की श्रेणी में नहीं रखा गया था।
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मकानों में पड़ी दरारें
- फोटो : अमर उजाला
दरारों की स्थिति का आकलन करने के लिए यहां क्रैकोमीटर लगाए गए थे। प्रभावित कमला देवी का कहना है कि बारिश शुरू होने के बाद से दरारें बढ़ने लग गई हैं।
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खेतों में पड़ी दरारें
- फोटो : अमर उजाला
दरारों से पानी का भी रिसाव हो रहा है। बारिश होने पर हम रात को सो नहीं पा रहे हैं।