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Dehradun News: हनोल में 13-14 सितंबर को सजेगा जागड़ा मेला
Fri, 11 Sep 2026 01:56 AM IST
देहरादून ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, देहरादून
संवाद न्यूज एजेंसी, देहरादून
Updated Fri, 11 Sep 2026 01:56 AM IST
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जौनसार-बावर के आराध्य महासू देवता की सिद्धपीठ हनोल में 13 और 14 सितंबर को पारंपरिक जागड़ा मेला आयोजित होगा। मेले में उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से हजारों श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। मेला मैदान का समतलीकरण और संपर्क मार्गों को दुरुस्त करने का काम शुरू कर दिया गया है।
13 सितंबर को हरियाली पर्व मनाया जाएगा और श्रद्धालु पूरी रात महासू देवता की स्तुति में देव जागरण करेंगे। मंदिर परिसर में पारंपरिक जागर, लोकगायन और नृत्य आकर्षण का केंद्र रहेंगे। श्रद्धालुओं के लिए भंडारे की व्यवस्था भी की गई है।
एसडीएम चकराता एवं अध्यक्ष मंदिर समिति हनोल प्रेमलाल ने बताया कि 14 सितंबर को महासू देवता का शाही स्नान (देव नाहण) कराया जाएगा। सदियों पुरानी परंपरा के तहत वर्ष में एक बार मंदिर के गर्भगृह से देव चिह्नों को बाहर लाकर विधि-विधान से शाही स्नान कराया जाता है। इस दौरान श्रद्धालुओं को देव चिह्नों के दर्शन भी कराए जाएंगे।
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संपर्क मार्गों के किनारे सफाई और आवश्यक सुधार का कार्य चल रहा है। श्रद्धालुओं की सुरक्षा और भीड़ नियंत्रण के लिए पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया जाएगा। यातायात को व्यवस्थित रखने के लिए विभिन्न स्थानों पर बैरियर लगाए जाएंगे और वाहनों की आवाजाही नियंत्रित की जाएगी।
मंदिर समिति के सचिव मोहन लाल सेमवाल, सदर स्याणा चमन सिंह, स्याणा सुनील राणा, राजेंद्र चौहान, प्रहलाद जोशी, राजाराम शर्मा और राजेंद्र नौटियाल ने बताया कि श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया जा रहा है।
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13 सितंबर को हरियाली पर्व मनाया जाएगा और श्रद्धालु पूरी रात महासू देवता की स्तुति में देव जागरण करेंगे। मंदिर परिसर में पारंपरिक जागर, लोकगायन और नृत्य आकर्षण का केंद्र रहेंगे। श्रद्धालुओं के लिए भंडारे की व्यवस्था भी की गई है।
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एसडीएम चकराता एवं अध्यक्ष मंदिर समिति हनोल प्रेमलाल ने बताया कि 14 सितंबर को महासू देवता का शाही स्नान (देव नाहण) कराया जाएगा। सदियों पुरानी परंपरा के तहत वर्ष में एक बार मंदिर के गर्भगृह से देव चिह्नों को बाहर लाकर विधि-विधान से शाही स्नान कराया जाता है। इस दौरान श्रद्धालुओं को देव चिह्नों के दर्शन भी कराए जाएंगे।
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संपर्क मार्गों के किनारे सफाई और आवश्यक सुधार का कार्य चल रहा है। श्रद्धालुओं की सुरक्षा और भीड़ नियंत्रण के लिए पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया जाएगा। यातायात को व्यवस्थित रखने के लिए विभिन्न स्थानों पर बैरियर लगाए जाएंगे और वाहनों की आवाजाही नियंत्रित की जाएगी।
मंदिर समिति के सचिव मोहन लाल सेमवाल, सदर स्याणा चमन सिंह, स्याणा सुनील राणा, राजेंद्र चौहान, प्रहलाद जोशी, राजाराम शर्मा और राजेंद्र नौटियाल ने बताया कि श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया जा रहा है।