अंतरजातीय विवाह के बाद हुई युवक की हत्या के मामले में पुलिस ने चौथे हत्यारोपी को भी गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस की पूछताछ में कई अहम बातें सामने आई हैं। यहां तक कि जगदीश को कितनी बेदर्दी के साथ मौत के घाट उतारा गया इसका भी खुलासा हुआ है। वहीं पुलिस मामले में कुछ और जानकारियां जुटाने में भी लगी हुई है।
जगदीश हत्याकांड: प्यार करने की मिली खौफनाक सजा, प्रेमिका की मां हुई बेनकाब, बेदर्दी से उतारा था मौत के घाट
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दूसरी गाड़ी बुक करके सैलापुल पर पहुंचे थे आरोपी
पुलिस ने बताया कि हत्या करने से पहले आरोपियों ने सैलापुल तक पहुंचने के लिए बोलेरो गाड़ी बुक की थी। इसके लिए उन्होंने गाड़ी स्वामी को बकरी खरीदकर लाने की बात कही थी। सैलापुल पर पहुंचने के बाद गाड़ी चालक को यह कहकर वापस भेज दिया कि माल खरीदने के बाद वापस बुला लिया जाएगा।
भाई और पिता से था डर मां पर था भरोसा
गीता को अपनी मां पर पूरा भरोसा था कि वह इस प्रेम विवाह में उसका साथ देगी। इसलिए एसएसपी कार्यालय में दिए शिकायत पत्र में गीता ने पिता और भाई से ही खतरा जताया था। वहीं नरेंद्र की गिरफ्तारी के बाद पूछताछ में सामने आया कि जगदीश के अपहरण के बाद उससे मारपीट करने वालों में गीता की मां भी शामिल थी और पुलिस ने शव के साथ गीता की मां भावना देवी को भी गिरफ्तार किया। यहां तक कि जेल में बंद गीता के परिजनों को हत्या करने का कोई मलाल तक नहीं है।
मई 2022 में भी जगदीश के साथ गई थी गीता
पुलिस ने बताया कि मई 2022 में भी गीता जगदीश के साथ घर से चली गई थी और 14 दिन बाद वापस लौटी थी। उस दौरान परिजनों ने गुमशुदगी भी दर्ज कराई थी। वहीं गीता ने कोर्ट में दिए बयानों में अपनी मर्जी से जाने की बात कही थी। हालांकि उस समय गीता के परिजनों को जगदीश के बारे में कोई जानकारी नहीं थी। घर वापस आने के कुछ दिन बाद गीता और जगदीश दोबारा फोन के जरिए संपर्क में आ गए थे।
जगदीश का शव मिलने पर परिजनों को मिली बेटे की खबर
पुलिस ने बताया कि जगदीश के परिजन जगदीश से जुड़ी हर बात से बेखबर थे। सात-साठ अगस्त से गायब जगदीश के बारे में उन्हें कोई जानकारी नहीं थी। यहां तक कि जगदीश के प्रेम-प्रसंग और उसकी शादी की भी जानकारी नहीं थी। अपहरण के बाद जब जगदीश का शव पुलिस को बरामद हुआ तब परिजनों को जानकारी हासिल हुई थी।