यूपी के उन्नाव के पास शुक्रवार की सुबह सड़क हादसे में ब्रह्मलीन हुए जगद्गुरु रामानंदाचार्य स्वामी हंसदेवाचार्य महाराज का राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार कर दिया गया। शनिवार की शाम खड़खड़ी श्मशान घाट पर उनके दो शिष्यों ने मुखाग्नि दी।
प्रदेश के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत, हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहरलाल खट्टर, पूर्व सीएम हरीश रावत और सांसद रमेश पोखरियाल निशंक सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि और अनुयायियों ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।
जगद्गुरु रामानंदाचार्य स्वामी हंसदेवाचार्य महाराज की पार्थिव देह शनिवार की सुबह पांच बजे हरिद्वार लाई गई। श्रद्घालुओं के दर्शनार्थ उनकी पार्थिव देह को भीमगोड़ा स्थित उनके आश्रम जगन्नाथ धाम में रखा गया था। दिनभर आध्यात्मिक गुरु के दर्शनों के लिए श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा।
शाम को करीब चार बजे प्रदेश के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत, हरियाणा के मुख्यमंत्री जगद्गुरु रामानंदाचार्य स्वामी हंसदेवाचार्य महाराज की पार्थिव देह पर चादर चढ़ाकर श्रद्धांजलि अर्पित की। अंतिम यात्रा शुरू होने से पहले पुलिस गारद की सलामी दी गई।
अंतिम यात्रा आश्रम से प्रारंभ होकर खड़खडी श्मशान घाट तक पहुंची जहां दो शिष्यों स्वामी अरुण दास और स्वामी लोकेश दास ने जगद्गुरु रामानंदाचार्य स्वामी हंसदेवाचार्य महाराजको मुखाग्नि दी। इस मौके पर केंद्रीय मंत्री साध्वी निरंजन ज्योति, उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री भगत सिंह कोश्यारी, उत्तराखंड पूर्व विधानसभा अध्यक्ष हरबंस कपूर, गोविंद सिंह कुंजवाल पहुंचे।