पिछली सरकार में पूर्व सीएम हरीश रावत की मंत्री रहने के बाद अब नेता प्रतिपक्ष की गद्दी पर आसीन इंदिरा हृदयेश विधानसभा में आवेश में आकर पूर्व सरकार के लिए बहुत कुछ बोल गईं। उन्होंने सीधे हरीश रावत पर निशाना साधा और उनका एक राज भी सबके सामने खोल दिया। आगे जानिए क्या कह दिया उन्होंने...
कांग्रेस की सियासत में चल रही टांग खिंचाई का नमूना विधानसभा सत्र के दौरान सदन में शुक्रवार को दिखाई दिया। बजट पर सामान्य चर्चा के दौरान नेता प्रतिपक्ष डा.इंदिरा हृदयेश ने अपनों पर सितम ढाए और गैरों पर खूब करम किया। नेता प्रतिपक्ष जब भाषण देने उठीं, तो माना जा रहा था कि बजट को लेकर वह राज्य सरकार पर चुन-चुनकर हमला करेंगी।
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मगर उनका रुख सरकार के प्रति अपेक्षाकृत नरम दिखाई दिया। बजट में कमियां खोजने की जगह, उन्होंने सुझावों के जरिये अपनी बात कही। दूसरी तरफ, कांग्रेस की सियासत में प्रतिस्पर्धी पूर्व सीएम हरीश रावत पर निशाना साधने से वह जरा नहीं चूकीं। उन्होंने कहा-बेरोजगारों को जॉब कार्ड बांटने का ऐलान चुनावी प्रलोभन था। इसे अनुमति न मिलना ठीक रहा। इस पर सभा में मौजूद सब लोग हैरान रह गए कि वे क्या कर रही हैं।
हालांकि बाद में उन्होंने इसे मैनेज भी किया, लेकिन उनकी इस बात को सुनकर हर किसी के होश उड़ गए। बता दें कि विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के चारों खाने चित्त रहने के बाद पार्टी में वर्चस्व की लड़ाई छिड़ी है। नेता प्रतिपक्ष बनाए जाने के बाद डा.इंदिरा हृदयेश को आगे बढ़ने का मौका मिला है, वहीं पूर्व सीएम हरीश रावत अपने राजनीतिक वजूद को बचाए रखने की कोशिश में जुटे हैं। कांग्रेस की अंदरुनी सियासत बजट सत्र के दौरान सतह पर आ रही है।
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मुद्दों को उठाकर दबाव बनाने के मामले में भी कांग्रेस बिखरी नजर आ रही है। ये ही कारण रहा कि एक दिन पहले सदन में एनएच-74 का मसला उठा, तो सदन के बाहर सड़क पर गैरसैंण का। बजट सत्र पर सामान्य चर्चा के दौरान डा.इंदिरा हृदयेश ने जब हरीश रावत और जॉब कार्ड से जुडे़ मामले पर अपना नजरिया सामने रखा, तो यह सबके लिए अप्रत्याशित ही था।