बैंकों में खाते रखने वाले ग्राहक सतर्क हो जाएं। केंद्र सरकार के कई नियमों को बैंकों ने लागू कर दिया है। अब अगर लापरवाही बरती तो नुकसान उठाना पड़ सकता है।
इसके तहत दो साल से खाली और निष्क्रिय खातों को फ्रीज किया जा रहा है। कई बैंक सभी खातों को मर्ज कर एक खाता बना रहे हैं। अलग-अलग बैंक अपने-अपने तरीके से ग्राहकों को इसकी सूचना पहुंचा रहे हैं।
स्टेट बैंक ऑफ इंडिया ग्राहकों के मैग्नेटिक चिप वाले डेबिट कार्ड वापस ले रहा है। ऐसे कार्ड को ब्लॉक किया जा रहा है। इसके बदले में बैंक की तरफ से ईवीएम चिप वाले डेबिट कार्ड जारी किए जा रहे हैं। जिस ग्राहक का डेबिट कार्ड ब्लॉक हो जाए, वह अपनी ब्रांच में जाकर नया कार्ड ले सकता है।
बैंक ऑफ बड़ौदा की ओर से ग्राहकों से अपील की गई है कि जिनके खाते दो साल से एक्टिवेट नहीं हैं और उनमें जीरो बैलेंस है, वह तुरंत एक्टिवेट करा लें। नहीं तो ग्राहक को सूचना मिलने के 15 दिन के भीतर वह खाता फ्रीज कर दिया जाएगा। इसके लिए उन्हें अपनी ब्रांच में संपर्क करना होगा।
ओरिएंटल बैंक ऑफ कॉमर्स की ओर से ऐसे ग्राहकों को सूचना भेजी गई है जिनके अलग-अलग ब्रांच में खाते हैं। उनसे कहा गया है कि वह अपने सभी खातों की पूरी डिटेल और आईडी बैंक में जमा कराएं। इन सभी खातों को मर्ज कर एक यूनिक कस्टमर आईडेंफिकेशन नंबर जारी किया जाएगा।