फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

युवा आर्मी अफसरों की कहानी पढ़कर जोश से भर जाएगा देश का हर लाल

Sun, 13 Dec 2015 12:20 PM IST
राजीव गुप्ता/ अमर उजाला, देहरादून
राजीव गुप्ता/ अमर उजाला, देहरादून Updated Sun, 13 Dec 2015 12:20 PM IST
विज्ञापन

युवा आर्मी अफसरों की कहानी पढ़कर जोश से भर जाएगा देश का हर लाल

IMA POP army officer success story.

देहरादून स्थित इंडियन मिलिट्री एकेडमी की पासिंग आउट परेड के बाद देश को 469 यंग ऑफिसर मिले। इन अफसरों की सफलता की कहानी पढ़कर आपका सीना भी जोश से भर जाएगा।


युवा आर्मी अफसरों की कहानी पढ़कर जोश से भर जाएगा देश का हर लाल

IMA POP army officer success story.

आलोक नेगी
इंडियन मिलिट्री एकेडमी की पासिंग आउट परेड में लेफ्टिनेंट आलोक नेगी ने उत्तराखंड का मान बढ़ाया। हाजीपीर कंपनी को पीओपी में सर्वश्रेष्ठ मानते हुए चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ से नवाजा गया। यह सम्मान आर्मी चीफ से दून निवासी आलोक नेगी ने लिया। दून के रायपुर निवासी नायब सूबेदार एसएस नेगी के बेटे आलोक नेगी ने आर्मी चीफ जनरल जीएस सुहाग से यह सम्मान लिया। आलोक की शिक्षा केंद्रीय विद्यालय ओएलएफ से हुई है। इसके बाद उनका चयन एनडीए खड़गवासला में हुआ। यहां से प्रशिक्षण लेने के बाद आलोक आईएमए पहुंचे। यहां कड़े प्रशिक्षण और सम्मान के साथ वह पासआउट होकर सेना में लेफ्टिनेंट बन गए।

युवा आर्मी अफसरों की कहानी पढ़कर जोश से भर जाएगा देश का हर लाल

IMA POP army officer success story.

हर्षित कोहली
चंडीगढ़ निवासी कोहली परिवार का बेटा हर्षित कोहली भी सेना में अधिकारी बन गया है। शनिवार को हुई आईएमए की पासिंग आउट परेड में हर्षित बतौर लेफ्टिनेंट पासआउट हुए। चंडीगढ़ के सेक्टर 43 निवासी हर्षित कोहली ने कंप्यूटर साइंस में बीई किया है। इसके बाद अच्छे पैकेज वाली जॉब करने के बजाय उन्होंने सेना की राह चुनी। डायरेक्ट एंट्री से भारतीय सैन्य अकादमी में प्रवेश पाया। हर्षित के पिता राजकुमार कोहली बैंक में जॉब करते हैं जबकि मां ललिता कोहली शिक्षिका हैं। हर्षित ने बताया कि उनके अंकल मेजर जनरल टीएन मोगा (रिट.) उनके प्रेरणास्त्रोत हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

युवा आर्मी अफसरों की कहानी पढ़कर जोश से भर जाएगा देश का हर लाल

IMA POP army officer success story.

मंदीप सिंह
देहरादून निवासी सिंह परिवार का पहला बेटा सेना में अफसर बना है। इससे पहले उनके परिवार से कोई भी सेना में नहीं रहा। बीटेक की डिग्री लेने के बाद सेना चुनने वाली लेफ्टिनेंट मंदीप सिंह को प्राइवेट जॉब के बजाए देश के लिए कुछ करने का जज्बा सेना में लेकर गया। दून के रायपुर निवासी आलम सिंह ऑर्डिनेंस फैक्ट्री में कार्यरत हैं। उनका बेटा मंदीप सिंह शनिवार को आईएमए की पीओपी से पासआउट होकर सेना में अफसर बन गया। मंदीप ने शिवालिक कॉलेज आफ इंजीनियरिंग से कंप्यूटर साइंस में बीटेक किया। मंदीप ने बताया कि प्राइवेट कंपनी में इतनी मेहनत करने के बाद सैलरी तो बढ़ सकती है, लेकिन देश के लिए कुछ नहीं कर पाते। मंदीप ने बताया कि वह हमेशा देश के लिए कुछ करना चाहते थे, इसलिए सेना चुनी।

विज्ञापन

युवा आर्मी अफसरों की कहानी पढ़कर जोश से भर जाएगा देश का हर लाल

IMA POP army officer success story.

अविनाश नेगी
उत्तराखंड के रामनगर निवासी सूबेदार एसएस नेगी (रिट.) के पूरे परिवार के लिए शनिवार का दिन खुशी की सौगात लेकर आया। छोटा बेटा अविनाश नेगी पीओपी का अंतिम पग पार करते ही सेना में लेफ्टिनेंट बन गया। बड़ा बेटा पहले ही सेना में कैप्टन है। शनिवार को आईएमए की पासिंग आउट परेड में रामनगर निवासी सूबेदार एसएस नेगी (रिट.) और उनकी पत्नी हेमलता नेगी का सपना सच हो गया। बड़े बेटे के बाद अब छोटा बेटा भी सेना में अफसर बन गया। उनका बड़ा बेटा सॉफ्टवेयर इंजीनियर की जॉब छोड़कर सेना में गया और सितंबर 2014 में ओटीए चेन्नई से बतौर कैप्टन पासआउट हुआ। पिता और बड़े भाई से प्रेरणा लेने वाला छोटा बेटा अविनाश नेगी भी सेना में जाना चाहता था। केंद्रीय विद्यालय हैदराबाद से 12वीं करने वाले अविनाश ने आईएमए में डायरेक्ट एंट्री पाई।

अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed