फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

देखिए, रोक के बावजूद कैसे गंगा और यमुना का सीना चीर रहे हैं माफिया

Wed, 07 Dec 2016 04:32 PM IST
ब्यूरो / अमर उजाला, विकासनगर/हरिद्वार/ऋषिकेश
ब्यूरो / अमर उजाला, विकासनगर/हरिद्वार/ऋषिकेश Updated Wed, 07 Dec 2016 04:32 PM IST
विज्ञापन
illegal mining in ganga and yamuna river
mining - फोटो : amar ujala
प्रतिबंध के बावजूद उत्तराखंड सरकार की आंख के नीचे गंगा और यमुना में बदस्तूर खनन जारी है। छोटी-छोटी नदियों और नालों की तो गिनती ही नहीं है। अकेले हरिद्वार की बात की जाए तो 18 साल से मातृसदन और अन्य सामाजिक संगठनों के गंगा में खनन के विरोध के बावजूद शासन-प्रशासन जिले में स्टोन क्रशर लगाने की अनुमति देता जा रहा है।
illegal mining in ganga and yamuna river
mining

जिले में इस समय 67 क्रशर दिन-रात चल रहे हैं। 10 लोगों ने आवेदन किया हुआ है। ये संख्या तो वैध क्रशरों की है इनकी आड़ में चलने वाले अवैध क्रशरों की तो गिनती ही नहीं है। विकासनगर के आसन वेटलैंड कंजरवेशन रिजर्व के 10 किमी के दायरे में हाईकोर्ट ने यमुना में किसी भी प्रकार के खनन पर रोक लगाई है, लेकिन खनन माफिया यहां दिन-रात यमुना का सीना चीर रहा है। जिससे यमुना में कई जगहों पर गहरी खाइयां बन गई हैं। यमुना की जैव विविधता पर बुरा असर पड़ रहा है। गौर करने वाली बात यह है कि जिम्मेदार महकमों की खामोशी हैरान करने वाली है। इस बारे में अमर उजाला की टीम ने पड़ताल की तो कई चौंकाने वाली जानकारियां सामने आईं.....   

 

illegal mining in ganga and yamuna river
mining

मार्च 2016 में स्वामी शिवानंद का अनशन तुड़वाने के लिए शासन ने रायवाला से भोगपुर तक 22 खनन पट्टों पर रोक लगा दी थी। उसके बाद से उम्मीद जगी थी कि अब क्षेत्र में काफी हद तक अवैध खनन पर रोक लग जाएगी लेकिन, कुछ नहीं हुआ। क्षेत्र में खनन बदसूरत जारी है। गंगा और इसकी सहायक नदियों से दिनरात माफिया अवैध खनन कर रहे हैं। जिले के 67 स्टोन क्रशरों पर खनन सामग्री के ढेर लगे हुए हैं। गौर करने वाली बात यह है कि गंगा में खनन का विरोध होने के बाद भी सरकार ने पिछले दो वर्षों में 25 क्रशर लगाने की अनुमति दी। 10 लोग कतार में हैं। इनकेआवेदन पत्र प्रशासन को मिले हुए हैं। जबकि जिले में खनन पट्टे केवल 40 ही हैं। इतनी क्रशरों की संख्या और इतने कम पट्टे साफ दर्शाते हैं कि गंगा में अवैध खनन रुकने वाला नहीं है। 
 

विज्ञापन
विज्ञापन
illegal mining in ganga and yamuna river
mining

हरिद्वार में तहसीलवार क्रशरों की संख्याः हरिद्वार- 49, भगवानपुर- 16, रुडक़ी- 02, लक्सर-01, हरिद्वार में पिछले सात महीनों में अवैध खनन में पकड़े गए 726 वाहन, एक करोड़ 33 लाख 85 हजार 750 रुपये जुर्माना वसूला गया।
'जिला प्रशासन अवैध खनन रोकने के लिए पूरी तरह सतर्क है। इस दिशा में कार्रवाई की जा रही है। स्टोन क्रशर लगाने की अनुमति शासन स्तर से दी जाती है। शासन के निर्देशों पर ही इस संबंध में कार्रवाई की जाती है। आगे भी अवैध खनन के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी।'
- हरबंस सिंह चुघ, जिलाधिकारी हरिद्वार
 

विज्ञापन
illegal mining in ganga and yamuna river
mining

डाकपत्थर से लेकर रामपुर मंडी तक प्रतिबंधित 10 किमी के दायरे में रोजाना सैकड़ों की संख्या में खनन माफिया की ट्रैक्टर ट्राली और डंपर नदी में खनन के लिए उतरते हैं। मंगलवार को अमर उजाला की टीम ने नवाबगढ़-डाक्टरगंज गांव में यमुना खादर में चल रहे अवैध खनन के खेल को कैमरों में कैद किया। यहां दोपहर 12 बजे पांच से सात ट्रैक्टर ट्रालियां नदी में खनन के लिए उतरी हुई थी। नदी में डंपर भी बेधड़क दौड़ रहे थे। यहां अमर उजाला की टीम करीब एक घंटे रही, लेकिन ट्रैक्टर ट्रालियों के चालकों के चेहरों पर किसी प्रकार का डर नहीं दिखा। सभी मोबाइल के जरिए अपने आकाओं से निर्देश लेते रहे। कुछ देर बाद यह ट्रालियां एक-एक कर गंतव्य के लिए रवाना हो गई। कमोवेश यहीं हाल रामपुर मंडी, ढालीपुर, ढकरानी, नावघाट और सतिघाट में देखने को मिला। एक मोटे अनुमान के हिसाब से यहां रोजाना 100-120 ट्रैक्टर ट्राली अवैध होता है।
 

अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed