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Haridwar: श्मशान घाट पर किन्नर अखाड़े की मसान होली, राख की पूजा की, फिर उड़ाया गुलाल, ये दृश्य देख लोग स्तब्ध
Sat, 28 Feb 2026 08:59 PM IST
Renu Saklani
संवाद न्यूज एजेंसी, हरिद्वार
संवाद न्यूज एजेंसी, हरिद्वार
Published by: Renu Saklani
Updated Sat, 28 Feb 2026 08:59 PM IST
सार
श्मशान घाट पर किन्नर अखाड़े की मसान होली देख लोग स्तब्ध रह गए। महामंडलेश्वर पूनम किन्नर ने कहा कि श्मशान मोक्ष द्वार है और हर व्यक्ति को एक दिन यहां आना है।
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किन्नर अखाड़े ने खेली मसान होली
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
विस्तार
खड़खड़ी श्मशान घाट पर किन्नर अखाड़े के संतों और किन्नर समाज ने पारंपरिक ‘मसान होली’ खेली। बैंड-बाजों के साथ जुलूस के रूप में पहुंचे किन्नरों ने सबसे पहले चिता की राख की विधिवत पूजा-अर्चना की। इसके बाद उसी राख और रंग-गुलाल से एक-दूसरे को रंग लगाकर होली की शुभकामनाएं दीं।
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श्मशान घाट पर जलती और बुझी चिताओं के समीप किन्नरों को होली खेलते देख वहां मौजूद लोग कुछ देर के लिए स्तब्ध रह गए। हालांकि, बाद में कई श्रद्धालुओं ने इसे आस्था और परंपरा का अद्भुत संगम बताया।
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किन्नर समाज वर्षों से कर रहा पौराणिक परंपरा का निर्वहन
किन्नर अखाड़े की महामंडलेश्वर भवानी माता ने बताया कि यह पौराणिक परंपरा है, जिसका निर्वहन किन्नर समाज वर्षों से करता आ रहा है। उन्होंने कहा कि श्मशान की राख जीवन की नश्वरता का संदेश देती है और अहंकार त्याग कर प्रेम व भाईचारे के साथ जीवन जीने की प्रेरणा देती है।
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वहीं, महामंडलेश्वर पूनम किन्नर ने कहा कि श्मशान मोक्ष द्वार है और हर व्यक्ति को एक दिन यहां आना है। ऐसे में होली के पावन अवसर पर सभी को गिले-शिकवे भुलाकर आपसी प्रेम और सौहार्द से रहना चाहिए।