फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

सावन के पहले सोमवार पर जानें, क्यों दूध और जल से करते हैं भगवान शिव का अभिषेक

Tue, 11 Jul 2017 09:19 AM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, देहरादून
टीम डिजिटल/अमर उजाला, देहरादून Updated Tue, 11 Jul 2017 09:19 AM IST
विज्ञापन
history of lord shiva consecration in sawan month
shiva

आज से सावन माह की शुरुआत हो रही है। महादेव को प्रसन्न करने के ल‌िए कांवड‌़‌िए न‌िकल पड़े हैं। लेक‌िन क्या आपको पता है क‌ि श‌िवजी पर दूध, बेलपत्र और जल से अभ‌िषेक क्यों क‌िया जाता है। नहीं, तो चल‌िए हम आपको बताते हैं। 

history of lord shiva consecration in sawan month
shiva

मान्यता है कि सावन माह भगवान भोलेनाथ को बहुत प्रिय है। इस माह शिव का जलाभिषेक करने से भक्त की सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। लेक‌िन श‌िवजी पर जलाभ‌िषेक करने की परंपरा समुंद्र मंथन से जुड़ी है। 

history of lord shiva consecration in sawan month
shiva

मान्यताओं के मुताब‌िक जब समुंद्र मंथन हुआ तो उसमें से जो व‌िष न‌िकला उसे सृष्ट‌ि को बचाने के ल‌िए भगवान श‌िव ने पी ल‌िया। लेक‌िन वहां से अमृत भी न‌िकला और उसकी बूंदे कई जगह पर ग‌िरी। 

विज्ञापन
विज्ञापन
history of lord shiva consecration in sawan month
shiva

इसके बाद वे व्याकुल हो उठे। वे ऋष‌िकेश में एक पहाड़ी पर चले आए। तभी माता उनका कंठ नीला हो गया और वे नीलकंठ कहलाए। लेक‌िन जब उनके व‌िष का प्रभाव कम नहीं हुआ तो उन्हें उस अमृत की जरूरत थी। 

विज्ञापन
history of lord shiva consecration in sawan month
lord shiva temple

वहीं जब समुंद्र मंथन के दौरान उनके व‌िष का प्रभाव कम नहीं हुआ तो देवताओं को वहां कुछ नही म‌िला और उन्होंने समुंद्र से न‌िकले बेलपत्र को ही श‌िवजी को ख‌िलाना शुरु कर द‌िया। ज‌िससे उनका व‌िष कुछ कम होने लगा। इसल‌िए तब से भगवान श‌िव पर बेलपत्र चढ़ाया जाता है।

अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed