देहरादून में बांदल घाटी क्षेत्र के ल्वार्खा गांव में एक पहाड़ी टूटकर गिरने से नाले में भारी मलबा आ गया। इससे नाले और बांदल नदी के बीच एक बड़ी झील बन गई है।
मलबे की जद में गांव के कुछ मकान भी आए हैं। हालांकि, इसमें किसी के हताहत होने की खबर नहीं है। घटना के तत्काल बाद ही गांव में बड़ी संख्या में एसडीआरएफ और पुलिस के जवानों को तैनात कर दिया गया है। हालांकि बुधवार को झील से मैनुअली पानी की निकासी हेतु झील का मुहाना खोला गया। जिससे पानी सुरक्षित और नियंत्रित तरीके से प्रवाहित हो रहा है। मौके पर उप जिलाधिकारी टिहरी सीएस चौहान, तहसीलदार धनोल्टी, राजस्व टीम व पुलिस कार्मिक उपस्थित रहेञ एसडीआरएफ की टीम ने रास्ता बनाकर झील से पानी निकलना शुरू किया।
अगर और बारिश हुई तो यह झील रायवाला के बाढ़ प्रभावित गौहरीमाफी में तबाही मचा सकती है। जानकारी मिलने पर प्रशासन मौके पर पहुंच गया है। सरखेत गांव से करीब दोकिलोमीटर दूरी पर ल्वार्खा स्थित नाले में मंगलवार सुबह 11 बजे पहाड़ी टूटकर गिरने से लाखों टन मलबा आ गया। इससे नाले से पानी की निकासी रुक गई और लगभग 150 मीटर लंबी झील बन गई।
अधिकारियों और स्थानीय लोगों ने झील की गहराई लगभग 50 फीट के आसपास होने की बात कही है। क्षेत्र निवासी धन सिंह व बचन सिंह के अनुसार पहाड़ी भयंकर आवाज के साथ गिरी थी। इससे आसपास के सभी लोग सहम गए थे और घरों से बाहर आ गए थे। पहाड़ी मलबे की जद में कई मकान भी आए हैं। वहीं घटना के बाद से लोगों में अफरातफरी का माहौल है।
पूर्व ग्राम प्रधान सरखेत बृजेंद्र सिंह पंवार ने घटना की सूचना जिला प्रशासन को दी थी। इसके बाद जिलाधिकारी एसए मुरुगेशन व एसएसपी निवेदिता कुकरेती ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। इसी बीच आईजी एसडीआरएफ संजय कुमार गुंज्याल टीम के साथ पहुंचे।