हरिद्वार में जहरीली शराब कांड के आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस पूछताछ में सामने आया कि आरोपी बिजेंद्र ने कोल्ड ड्रिंक की बोतलों में भरकर लोगों को शराब बांटी थी। पुलिस ने उसकी निशानदेही पर चार खाली बोतलें भी बरामद कर ली हैं।
Haridwar: जहरीली शराब बांटने के आरोपी प्रधान उम्मीदवार का पति गिरफ्तार, महिला प्रत्याशी और उसका देवर फरार
एसएसपी डॉ. योगेंद्र सिंह रावत ने घटना का खुुलासा करते हुए बताया कि महिला प्रत्याशी और उसका देवर फरार है। फरार आरोपियों की तलाश में पुलिस दबिश दे रही है। बताया कि जहरीली शराब पीने के बाद ग्रामीणों की तबीयत बिगड़ने पर प्रत्याशी, उसका पति और देवर डर गए थे।
उन्होंने बोतलों में बची कच्ची शराब को बाथरूम में बहा दिया था। इस बीच पुलिस ने दुकान के तहखाने से एक कैन से 35 लीटर कच्ची शराब बरामद की है। पथरी थाना क्षेत्र के गांव फूलगढ़ में प्रत्याशी पति बिजेंद्र ने छह माह पहले ही कच्ची शराब बनाकर उसे जमीन में दबवा दिया था।
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जहरीली शराब मामले का खुलासा करती पुलिस
- फोटो : अमर उजाला
प्रत्याशी पति बिजेंद्र सिंह ने पुलिस पूछताछ में बताया कि चुनाव के दौरान पुलिस शराब के मामलों में विशेष ध्यान रखती है, इसलिए उसने चुनाव से पहले ही शराब बनवाकर जमीन में दबवा दी थी। पिछले दो दिनों से बिजेंद्र ड्रम से निकालकर शराब बोतलों में भरकर ग्रामीणों को पिला रहा था।
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शराब से मौत के बाद मातम
- फोटो : अमर उजाला
शनिवार को जैसे ही कच्ची शराब के सेवन से कुछ लोगों की तबीयत खराब होने की जानकारी बिजेंद्र को मिली तो उसने तुरंत ही बोतलों में बची हुई शराब को बाथरूम में बहा दिया था। वहीं पुलिस ने बिजेंद्र के भाई व मामले में सह आरोपी की दुकान के तहखाने से भट्ठी के उपकरण बरामद किए हैं।
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शराब से मौत के बाद मातम
- फोटो : अमर उजाला
जहरीली शराब कांड के मामले में कोई भी अपने लिखित और मौखिक बयान एसडीएम हरिद्वार को दर्ज करवा सकता है। इसके लिए एक सप्ताह का समय दिया गया है। जिला अधिकारी विनय शंकर पांडेय की ओर से एसडीएम हरिद्वार पूरण सिंह राणा को मजिस्ट्रेटी जांच अधिकारी नियुक्त किया गया है। उन्हें 15 दिन के अंदर जांच कर रिपोर्ट डीएम को देनी है।
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शराब से मौत के बाद मातम
- फोटो : अमर उजाला
इसके लिए उन्होंने गांव में पहुंचकर जांच शुरू कर दी है। एसडीएम पूरण सिंह राणा ने जांच करने के लिए सर्व साधारण से भी सहयोग की अपील की है। पथरी थानाध्यक्ष को भी अपने लिखित बयान और संबंधित क्षेत्र में तैनात पुलिस कर्मियों और गणमान्य, पीड़ित परिवारों के लोगों को भी बयान दर्ज कराने के लिए उपस्थित होने के निर्देश दिए हैं।