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महाकुंभ 2021: हरिद्वार कुंभ में दीक्षा लेने वाले संन्यासी कहलाते हैं बर्फानी नागा, पढ़ें रोचक बातें...

Tue, 06 Apr 2021 10:18 AM IST
अलका त्यागी दीपक प्रजापति, अमर उजाला, हरिद्वार
दीपक प्रजापति, अमर उजाला, हरिद्वार Published by: अलका त्यागी Updated Tue, 06 Apr 2021 10:18 AM IST
सार


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Haridwar Maha Kumbh 2021: Saints Who got Diksha in Haridwar Known As Barfani Naga Saints , Know Interesting Facts
एक हजार संत बने नागा संन्यासी - फोटो : अमर उजाला

देश में अलग-अलग स्थानों पर होने वाले कुंभ के दौरान नागा बनने वाले संन्यासियों को अलग-अलग पदवी मिलती है। हरिद्वार में जिन एक हजार से अधिक नागाओं की दीक्षा कराई गई हैं वह अब बर्फानी नागा कहलाएंगे। जिस समय नागाओं की मुख्य दीक्षा होती है उस समय सांसारिक जीवन जीने वाले लोगों को वहां पर नहीं जाने दिया जाता है।



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तीर्थनगरी हरिद्वार ही नहीं प्रयागराज में जिन संतों को नागा बनाया जाता है उन्हें राजराजेश्वर कहा जाता है। इसके अलावा त्रयंबकेश्वर नासिक में जिन्हें नागा बनाया जाता है उन्हें खिचड़िया नागा कहते हैं। उज्जैन में जिन्हें नागा परंपरा की दीक्षा दी जाती है उन्हें खूनी नागा कहते हैं।

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नागा पंथ में शामिल होने के लिए जरूरी जानकारी हासिल करने में छह साल लगते हैं। इस दौरान नए सदस्य एक लंगोट के अलावा कुछ नहीं पहनते। कुंभ मेले में अंतिम प्रण लेने के बाद वे लंगोट भी त्याग देते हैं और जीवन भर यूं ही रहते हैं।

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Haridwar Maha Kumbh 2021: Saints Who got Diksha in Haridwar Known As Barfani Naga Saints , Know Interesting Facts
एक हजार संत बने नागा संन्यासी - फोटो : अमर उजाला

नागा परंपरा के दौरान वैदिक क्रियाओं के अनुसार दीक्षा देने वालों का सबसे पहले क्षौर्य कर्म होता हैं। इसके पश्चात इनका दशविधि स्नान कराया जाता हैं। इसमें पंचगव्य, गाय का गोबर, गोमूत्र, दही, भस्म, चंदन, हल्दी से दशविधि स्नान संस्कार कराए गए। इसमें दैहिक और कायिक दोनों स्नान का हो जाता है। माना जाता है कि इस स्नान के बाद उनके मनुष्य जीवन के पाप नष्ट हो जाते हैं। 

Haridwar Maha Kumbh 2021: Saints Who got Diksha in Haridwar Known As Barfani Naga Saints , Know Interesting Facts
एक हजार संत बने नागा संन्यासी - फोटो : अमर उजाला

सोमवार को धर्मदंड लिए जूना अखाड़ा के कोतवालों की देखरेख में गंगा किनारे अलकनंदा घाट पर दीक्षा संस्कार का आयोजन हुआ था। इसमें एक हजार से अधिक नागा संन्यासियों को दीक्षा दी गई। नागा संन्यासी बनने से पहले उन्होंने खुद का पिंडदान किया। 

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Haridwar Maha Kumbh 2021: Saints Who got Diksha in Haridwar Known As Barfani Naga Saints , Know Interesting Facts
एक हजार संत बने नागा संन्यासी - फोटो : अमर उजाला

नागाओं का मुंडन संस्कार धर्म ध्वजा मणियों के नीचे शुरू हुआ था। मुंडन के बाद नागाओं ने अलकनंदा घाट पर गंगा स्नान किया गया। इसके बाद सांसरिक वस्त्रों का त्याग कर कोपीन दंड, कमंडल धारण कर स्नान किया। इस दौरान ब्राह्मण पंडितों द्वारा सभी नागाओं का स्नान के दौरान स्वयं का श्राद्धकर्म संपन्न कराया। 

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एक हजार संत बने नागा संन्यासी - फोटो : अमर उजाला

जूना अखाड़ा के अंतरराष्ट्रीय सचिव श्रीमहंत मोहन भारती ने बताया कि आवेदकों की बारीकी से जांच के बाद दीक्षा के लिए केवल योग्य एवं पात्र साधुओं का ही चयन किया जाता है। नागा संन्यासी बनने के लिए कई कठिन परीक्षाओं से गुजरना पड़ता है। तीन साल की कठिन साधना में खरा उतरने के बाद कुंभ पर्व पर उन्हें नागा बनाया जाता है। 

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