राशनकार्ड धारकों के लिए ऐसी खबर आई है जिसे पढ़कर उन्हें राहत मिलेगी और चेहरे खुशी से खिल जाएंगे। सिर्फ आधार की वजह से राशनकार्ड निरस्त नहीं होंगे। केंद्र की ओर से खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग के प्रमुख सचिव को जारी निर्देश में कहा गया है कि सिर्फ आधार की वजह से किसी को भी सस्ता राशन देने से इनकार नहीं किया जा सकता है।
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राशनकार्ड धारकों के लिए खुशखबरी, जिसे पढ़कर मिलेगी राहत और खिलेंगे चेहरे
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
Updated Fri, 27 Apr 2018 07:00 AM IST
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उत्तराखंड के दो जनपदों हरिद्वार और ऊधमसिंह नगर में सिर्फ आधार की वजह से राशनकार्ड निरस्त नहीं होंगे। केंद्र ने यह भी कहा है कि प्रदेश के पिछड़े जनपदों में राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (एनएफएसए) के अंतर्गत आने से कोई भी पात्र परिवार छूटने न पाए। केंद्र के निर्देश के बाद शासन ने दोनों जनपदों के जिलाधिकारियों को इस बारे में अवगत करा दिया है। नीति आयोग ने कुछ माह पहले देश के 115 पिछड़े जिलों की पहचान की थी। इन जिलों की सूची में प्रदेश के दो जनपद हरिद्वार और ऊधमसिंह नगर शामिल हैं। पिछड़े जिलों की पहचान सोशल आउटकम के आधार की गई है।
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प्रदेश के पिछड़े जिलों के बार में एनएफएसए के संयुक्त निदेशक भगवान दास ने निर्देश जारी किया है कि इन जनपदों में किसी भी पात्र परिवार को इस वजह से राशन देने से इनकार नहीं किया जाए कि उसका राशनकार्ड आधार से लिंक नहीं है। इसके लिए उन्होंने विभाग की ओर से 24 अक्तूबर 2017 को जारी स्पष्टीकरण का उल्लेख किया है।
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उन्होंने कहा है कि इन दोनों जनपदों में खरीद केंद्रों की स्थिति को लेकर भी अध्ययन कराया जाए। अगर आवश्यकता महसूस हो तो नये खरीद केंद्र भी खोले जाएं। एनएफएसए के संयुक्त निदेशक ने यह भी कहा है कि यह सुनिश्चित कर लिया जाए कि इन दोनों जनपदों में कोई ऐसा पात्र परिवार नहीं बचा हो, जो एनएफएसए में शामिल होने से वंचित रह गया हो।
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उन्होंने कहा कि एनएफएसए योजना को लेकर शिकायतों के निवारण के लिए जिला शिकायत निवारण कमेटी और विजिलेंस कमेटी का नंबर सार्वजनिक किया जाए। केंद्र के निर्देश के बाद खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के अपर सचिव रणबीर सिंह चौहान ने दोनों जनपदों के जिलाधिकारियों को इस बारे में अवगत करा दिया है।