फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

श्राद्धपक्ष में यहां देवता खुद प्रकट होकर करते हैं दिवंगतों का तर्पण, इसके पीछे छिपा है गहरा रहस्य

Thu, 07 Sep 2017 06:27 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, रुद्रप्रयाग
ब्यूरो/अमर उजाला, रुद्रप्रयाग Updated Thu, 07 Sep 2017 06:27 PM IST
विज्ञापन
God do tarpan for departed in rudraprayag during shradh pitru paksha
tarpan

देवभूमि में मनुष्य ही नहीं, देवता भी श्राद्धपक्ष में पितृों को तर्पण देते हैं। जी हां, यह ब‌िल्कुल सच है। द‌िवंगत आत्माओं की शांत‌ि के ल‌िए तर्पण करने को भगवान यहां खुद दर्शन देते हैं। 

God do tarpan for departed in rudraprayag during shradh pitru paksha
tarpan

रुद्रप्रयाग जिले के जखोली ब्लाक पूर्वी बांगर में अनंत चतुर्दशी के पर्व पर भगवान नागनाथ घुणेश्वर महाराज दिवंगत आत्माओं की शांति के लिए श्राद्ध कर तर्पण देते हैं। इस मौके पर यहां मेला का आयोजन होता है, जिसे तोषी मेला कहा जाता है।

God do tarpan for departed in rudraprayag during shradh pitru paksha
tarpan

बांगर क्षेत्र के डांगी, बक्सीर, भुनालगांव, खोड़ और मथ्या गांव में भगवान नागनाथ घुणेश्वर आराध्य देव हैं। श्राद्ध पक्ष के शुभारंभ पर भगवान  घुणेश्वर पूर्व में बक्सीर व अब, डांगी गांव से गाजे-बाजे के साथ अपने मूल मंदिर भैंसारी पहुंचते हैं। यहां विशेष धार्मिक अनुष्ठान होता है। 

विज्ञापन
विज्ञापन
God do tarpan for departed in rudraprayag during shradh pitru paksha
धर्मकूप, मणिकर्णिका और दशाश्वमेध पर तर्पण-अर्पण और पिंडदान के लिए उमड़ेंगे वंशज - फोटो : अमर उजाला

इस मौके पर भगवान अपने पश्वा पर अवतरित होते हैं, जो मंदिर के गर्भगृह में दिवंगत आत्माओं को तर्पण देते हैं। करीब दस से 15 मिनट तक होने वाली इस पूजा-अर्चना में भगवान चांदी की थाल में जौ, तिल, गाय दूध व पानी से दिवंगत तर्पण देकर उनका श्राद्ध करते हैं। 

विज्ञापन
God do tarpan for departed in rudraprayag during shradh pitru paksha
पितृपक्ष - फोटो : SOCIAL MEDIA

मंदिर के अंदर पुजारी, पश्वा और कुछ हक-हकूकधारी रहते हैं, जिस दूध व जल से आराध्य द्वारा तर्पण दिया जाता है । इस प्रक्रिया के पूरा होने के बाद क्षेत्र के शुद्धीकरण के लिए बारिश होती है। ग्रामीण नवरीन सेमवाल, नरेश भट्ट, उमेद सिंह बताते हैं कि बचपन से वे इस परंपरा को देखते आ रहे हैं। 

अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed