उत्तराखंड में गंगोत्री नेशनल पार्क की नेलांग घाटी में शीतकाल में हिम तेंदुए की चहलकदमी कैमरे में कैद हुई है। घाटी में स्थित पागलनाले के पास बीआरओ (सीमा सड़क संगठन) के मेजर ने हिम तेंदुए की फोटो ली है।
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गंगोत्री नेशनल पार्क में करीब 35 से ज्यादा हिम तेंदुए होने का अनुमान है। समय-समय पर कैमरे में कैद होने वाले हिम तेंदुओं से भी इस बात का प्रमाण मिला है। इस साल पहली बार फरवरी अंत में बीआरओ के मेजर बीनू वीएस ने घाटी में ही पागलनाले के पास बर्फबारी में चहलकदमी करते हिम तेंदुओं को अपने कैमरे में कैद किया है।
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नेलांग घाटी में हिम तेंदुआ
- फोटो : अमर उजाला
यहां वन्यजीव संस्थान ने नेलांग घाटी में नेलांग व जादूंग क्षेत्र में जहां 65 ट्रैप कैमरे लगाए हैं वहीं गंगोत्री नशनल पार्क प्रशासन ने भी नेलांग घाटी सहित केदारताल, गोमुख ट्रैक, भैंरोघाटी आदि क्षेत्रों में 40 ट्रैप कैमरे लगाए हैं।
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नेलांग घाटी में हिम तेंदुआ
- फोटो : अमर उजाला
एक अप्रैल को गंगोत्री नेशनल पार्क के गेट खुल जाएंगे। इसके बाद इन कैमरों को निकाला जाएगा जिससे शीतकाल में हिम तेंदुओं की गतिविधियों का पता चलने की उम्मीद है।
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गंगोत्री नेशनल पार्क
- फोटो : अमर उजाला
गंगोत्री नेशनल पार्क में हिम तेंदुए के साथ पार्क क्षेत्र में नीली भेड़, काला भालू, भूरा भालू, लाल लोमड़ी, हिमालयन मोनाल, हिमालयन थार, कस्तूरी मृग और अरगली भेड़ आदि भी पाए जाते हैं।
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नेलांग घाटी में हिम तेंदुआ
- फोटो : अमर उजाला
बीआरओ के मेजर बीनू वीएस ने अपने कैमरे में हिम तेंदुए की गतिविधि कैद की है। यह दर्शाता है कि पार्क क्षेत्र हिम तेंदुओं के लिए पूरी तरह सुरक्षित है। ट्रैप कैमरे निकाले जाने के बाद शीतकाल में हिम तेंदुओं सहित अन्य वन्यजीवों की गतिविधि पता चलने की उम्मीद है।
- आरएन पांडेय, उप निदेशक गंगोत्री नेशनल पार्क।