गांधी जयंती के मौके पर हम आपको बताते हैं एक ऐसी जगह के बारे में जहां से आजादी के नायकों ने अंग्रेजों को भारत छोड़ने की चेतावनी दी थी और जिसके बाद एक बड़ा आंदोलन खड़ा हो गया था।
उत्तराखंड के काशीपुर में पुरानी सब्जी मंडी स्थित छोटा नीम का पेड़ स्वतंत्रता आंदोलन के इतिहास को समेटे हुए है। जो नई पीढ़ी को आजादी से पहले के वक्त की याद दिलाता है। छोटा नीम स्वतंत्रता आंदोलन का साक्षी है।
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Quit India Movement
- फोटो : Getty Images
इसके मैदान से आजादी के नायकों ने अंग्रेजों को देश छोड़ने की चेतावनी दी थी। हालांकि अब छोटा नीम का पेड़ नहीं है, उसकी जगह पर पाकड़ का पेड़ खड़ा है। समाज सेवियों ने इस स्थान पर स्वतंत्रता सेनानियों की याद में एक छोटा स्मृति स्थल का निर्माण किया।
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इसमें काशीपुर के स्वतंत्रता सेनानियों के अलावा यहां पर सभाएं करने वाले राष्ट्रीय नेताओं के नाम लिखे गए हैं। भारत रत्न गोविन्द बल्लभ पंत ने काशीपुर में रह कर ही स्वतंत्रता आंदोलन चलाया। अब भी राष्ट्रीय दिवसों पर इसी स्थान पर कार्यक्रम होते हैं।
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आजादी की लडाई तेज करने के लिए लिए महात्मा गांधी, आचार्य विनोवा भावे, जवाहर लाल नेहरु, मदन मोहन मालवीय, राजर्षि पुरुषोत्म दास टंडन, गोविन्द बल्लभ पंत और अटल विहारी वाजपेयी ने यहां अलग-अलग समय पर नीम के पेड़ के नीचे सभाएं की थीं।