आज भारत के पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी हमारे बीच नहीं हैं। लेकिन उनकी उत्तराखंड से जुड़ी कुछ यादें हैं जो हम आपसे साझा कर रहे हैं। साल 2016 में प्रणब मुखर्जी जौलीग्रांट स्थित स्वामी राम हिमालयन यूनिवर्सिटी के पहले दीक्षांत समारोह में बतौर मुख्य अतिथि पहुंचे थे।
इस दौरान उन्होंने छात्र छात्राओं को सम्मानित किया था। वहीं उन्होंने देश में बच्चों को क्वालिटी एजुकेशन न मिलने को लेकर चिंता जाहिर की थी। उस वक्त उन्होंने कहा था कि 'देश में इस वक्त 740 विश्वविद्यालय और 35 हजार से अधिक उच्च शिक्षा संस्थान हैं, लेकिन अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इनमें से बेहद कम संस्थान हैं जो रैंकिंग में आते हैं।'
वक्त है कि सबको मिलकर उच्च शिक्षा में गुणवत्ता पर जोर देते हुए शोध को बढ़ावा देना होगा। विदेशी स्तर के हिसाब से हमें उच्च शिक्षा में गुणवत्ता और शोध पर फोकस की जरूरत है। उन्होंने कहा था कि हमें विवि और कॉलेजों को सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के तौर पर तैयार करना होगा।
इसके तहत फैकल्टी डेवलपमेंट पर खास ध्यान देना होगा। उन्होंने कहा था कि हमें हायर एजुकेशन सिस्टम को ऐसा बनाना होगा ताकि यहां से प्रोफेशनल शिक्षक तैयार हों। उन्होंने छात्रों को कहा था कि अतीत को भूलकर भविष्य के प्रति सचेत रहते हुए आगे बढ़ने पर काम करना होगा।
उनका कहना था कि ग्रेजुएशन सेरेमनी तो एक मौका है, लेकिन जीवन में हर दिन ग्रेजुएशन सेरेमनी होती है। सपने पूरे होते हैं, लेकिन उनके लिए हौसला होना चाहिए। खुशी की बात है कि उत्तराखंड में आम जनता के लिए शिक्षा के साथ ही स्वास्थ्य के क्षेत्र में विस्तार कर स्वामी राम का सपना पूरा किया जा रहा है।