रानीखेत के हैड़ाखान मंदिर में जगदंबा महायज्ञ के अंतिम दिन वैदिक मंत्रोच्चार के साथ एक विदेशी जोड़े ने अग्नि को साक्षी मानकर विवाह रचाया।
सात समंदर पार से 7 फेरे लेने इस मंदिर में पहुंचा ये विदेशी जोड़ा, तस्वीरें...
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हैड़ाखंडी समाज के अध्यक्ष आलोक बनर्जी ने नवदंपति को आशीर्वाद दिया। स्थानीय महिलाओं ने मंगलगीत गाए। सैकड़ों देशी-विदेशी भक्त इस पल के गवाह बने। शारदीय नवरात्र में हैड़ाखान मंदिर में मां जगदंबा महायज्ञ होता है। बाबा हैड़ाखान के सैकड़ों देशी, विदेशी भक्त इस कार्यक्रम में शिरकत करते हैं।
नवमी के दिन विदेशी जोड़े भारतीय संस्कृति के अनुसार विवाह बंधन में बंध जाते हैं। इस बार हालैंड निवासी मारियो और लिंडा ने महायज्ञशाला को साक्षी मानकर सात फेरे लिए। आचार्य पं. विनोद शस्त्री, जयबल्लभ शास्त्री और मायापति शास्त्री ने मंत्रोच्चार की रस्में निभाई। स्थानीय महिलाओं ने मंगलगीत गाए।
सुबह दुल्हन को भारतीय परंपरानुसार वस्त्रों और गहनों से सजाया और विवाह मंडप तक ले गए। अध्यक्ष आलोक बनर्जी ने नवदंपति को आशीर्वाद दिया और दोनों को प्रेम विजय और सरस्वती भारतीय नाम भी दिए।
बाबा के देशी-विदेशी सैकड़ों भक्तजन इस विवाह समारोह का गवाह बने। लड़की पक्ष की ओर से गौरा कुवार्बी, सुरेंद्र कुवार्बी, मीना कुवार्बी, अंजु कुवार्बी, भगवती दोषाद, राजेंद्र दोषाद और लड़के की तरफ से अंजु, दीवान सिंह, नवल, योगिता कुवार्बी थे।