वैसे तो दुनिया भर में अलग-अलग किस्म के कीड़े हैं जिन्हें लोग खाते हैं लेकिन हिमालय में पाया जाने वाला ये कीड़ा लाखों में बिकता है। जानिए आखिर ऐसा क्या है इस कीड़े में जो पूरी दुनिया के तस्करों की नजर इस पर बनी रहती है।
हिमालय की पहाडियों में पाया जाने वाला भूरे रंग का यह कीड़ा एक तरह का फफूंद है। तिब्बत में इसे जाड़े का कीड़ा कहा जाता है तो उत्तराखंड में कीड़ा जड़ी पर असली नाम है यारसागुंबा। पूरी दुनिया में इसकी तस्करी होती है तो वजह है इससे बनने वाली अनोखी दवा।
शारीरिक शक्ति बढ़ाने के साथ ही इसका उपयोग यौनशक्ति बढ़ाने के काम में किया जाता है। हिमालयन वियाग्रा के नाम से मशहूर इस कीड़े की कीमतें आसमान छूती हैं। लोग इस कीड़े को लाखों रुपये अदा कर खरीद रहे हैं। चीन में इस कीड़े की जबर्दस्त मांग है।
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- फोटो : AmarUjala
ये कीड़ाजड़ी हिमालय के 3200 से 4000 मीटर की ऊंचाई पर बेहद ठंडे क्षेत्रों में पाई जाती है। यह फंगस लारवा पर परजीवी के रूप में संक्रमण करता है। इसकी लंबाई सात से दस सेंटीमीटर तक होती है।
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वैज्ञानिकों के अनुसार यारसागुंबा में बिटामिन बी-12, मेनोटाल, कार्डिसेपिक अम्ल, इर्गोस्टाल के साथ-साथ 25 से 32 प्रतिशत तक कार्डोसेपिन और डीपॉक्सीनोपिन भी होता है। इसका यौनशक्ति वर्धक दवाओं में इस्तेमाल होता है।