उत्तराखंड के चमोली में रविवार को बलाण क्षेत्र में हुए मैक्स हादसे के बाद सोमवार को जब मृतकों का अंतिम संस्कार किया गया तो चारों तरफ बस चीख-पुकार मची रही। एक साथ आठ चिताओं को जलता देख हर कोई भावुक हो उठा।
2 of 7
चमोली हादसे के बाद जांच करती पुलिस
- फोटो : अमर उजाला
मृतकों का अंतिम संस्कार कैल नदी के किनारे किया गया है। अंतिम संस्कार के लिए क्षत-विक्षत शवों को कैल नदी के किनारे लगाया गया तो परिजन फूट फूटकर रोने लगे। वहां मौजूद हर शख्स की आंख नम थी।
3 of 7
चमोली हादसा
- फोटो : अमर उजाला
गमगीन माहौल में दुर्घटना में मारे गए जसबीर सिंह, सुरेंद्र सिंह, मदन सिंह, दरवान सिंह, मदन सिंह, कैलाश सिंह, गोपाल सिंह, धर्म सिंह का नदी के किनारे अंतिम संस्कार किया गया। वहीं दुर्घटना में लापता हुए जयसिंह और एक अन्य का अभी तक पता नहीं चल पाया है। उनकी खोजबीन जारी है।
4 of 7
चमोली हादसे के बाद जांच करती पुलिस
- फोटो : अमर उजाला
हादसे में गांव के बलवंत सिंह ने अपना इकलौता पुत्र खो दिया। सुरेंद्र अपने घर के इकलौते चिराग थे। वे अपने पीछे एक बेटे, पत्नी और बुजुर्ग माता-पिता को छोड़ गये हैं। हादसे के बाद मृतक सुरेंद्र सिंह के घर में दुखों का पहाड़ टूट पड़ा।
5 of 7
चमोली हादसा
- फोटो : अमर उजाला
घटना ने पिडंरघाटी के लोगों को झकझोर रख दिया। पूरे गांव में बस मातमी चीख पुकार ही सुनाई दे रही है। हादसे के बाद गांव में किसी घर में चूल्हा नहीं जला। हादसे से पहले बलाण गांव के एक व्यक्ति पदम सिंह की देवाल में मौत हो गई थी। इससे बलाण गांव में पहले ही मातम छा गया था। पदम सिंह के घर सांत्वना देने के लिए ग्रामीणों का तांता लगा हुआ था।