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शुरू हुआ E-WAY बिल का ट्रायल, जानिए क्या हैं इसके फायदे
न्यूज डेस्क/अमर उजाला, देहरादून
Updated Wed, 14 Feb 2018 09:24 AM IST
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ई वे बिल
- फोटो : SOCIAL MEDIA
जीएसटी में माल एक स्थान से दूसरे स्थान पर ले जाने के लिए केंद्र ने ई-वे बिल सिस्टम का ट्रायल शुरू कर दिया है।
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ई वे बिल
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फिलहाल, ऑनलाइन ई-वे बिल को लेकर सख्ती में तब तक ढील रहेगी, जब तक सिस्टम ट्रायल में सफल नहीं हो जाता है। राज्य में एक फरवरी से अब तक 1.15 लाख ई-वे बिल जनरेट हुए हैं। केंद्र सरकार ने एक फरवरी से पूरे देश में ई-वे बिल सिस्टम को लागू किया, लेकिन पहले ही दिन लोड बढ़ने के कारण वेबसाइट क्रैश हो गई और सारा सिस्टम फेल हो गया था। इसके बाद राज्य सरकार ने व्यापारियों को दस दिन के लिए ई-वे बिल की अनिवार्यता में छूट दी है।
प्रतीकात्मक तस्वीर
अब केंद्र ने ई-वे बिल सिस्टम को अपग्रेड कर चालू कर दिया है। इसके बाद व्यापारी माल को बाहर भेजने और मंगाने के लिए ई-वे बिल जनरेट करने लगे हैं। फरवरी में अब तक प्रदेश के व्यापारियों ने 1.15 लाख ई-वे जनरेट किए हैं। इसके साथ ही 14 हजार 30 व्यापारियों और 270 ट्रांसपोर्टरों ने ई-वे बिल में पंजीकरण किया है।
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डिप्टी कमिश्नर (राज्य कर विभाग) एसएस तिरुवा ने बताया कि केंद्र के पोर्टल पर ई-वे बिल सिस्टम को ट्रायल के तौर पर शुरू कर दिया है। प्रदेश के व्यापारी अब ई-वे बिल जनरेट कर माल को ट्रांसपोर्ट कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि ई-वे बिल को लेकर किसी प्रकार की सख्ती नहीं की जाएगी, जब तक सिस्टम पूरी तरह से कामयाब नहीं हो जाता है।
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बता दें कि, हर राज्य में 10 किलोमीटर अंदर प्रवेश करने वाले वाहन जिसमें 50,000 रुपये या उससे अधिक के मूल्य के सामान हैं, उसके लिए एक फरवरी 2018 ई-वे बिल जरूरी हो गया है। इस प्रणाली में ई-बिल के माध्यम से देश भर में सामान ले जाने वाले वाहन वैध होंगे।