धूलभरी धुंध ने सबका जीना मुहाल कर दिया है। वहीं यहां मिट्टी की बारिश ने भी लोगों की नींद उड़ा दी है।
उत्तराखंड में भी पिछले तीन दिन से धूलभरी धुंध का असर दिख रहा है। वहीं यह धुंध पहाड़ों तक भी पहुंच गई है। देर रात को कुमाऊं में हुई बारिश ने लोगों को खुश तो कर दिया, लेकिन बारिश के साथ गिरी मिट्टी ने परेशानी खड़ी कर दी ।
लोगों का कहना है कि, रात को पीली चिकनी मिट्टी की बारिश हुई है। सुबह उठकर देखा तो सभी घरों, फर्श और पेड़-पौधों पर पीली मिट्टी जमी हुई थी। इससे आंगन में कीचड़ भी हो गया है। लोग मान रहे हैं कि आसमान में छाई धूलभरी धुंध ही बारिश के साथ गिर रही है।
गुरुवार को पहाड़ी क्षेत्र अचानक धुंध में घिर गए थे। देखते ही विजीबिलिटी लगभग शून्य हो गई। शाम चार बजे बाद अंधेरा हो गया। हालांकि इसके बाद बारिश से राहत तो मिली, लेकिन मिट्टी हुए कीचड़ के कारण सबको परेशानी हो रही है।
राज्य मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक विक्रम सिंह ने बताया कि राजस्थान, पंजाब, हरियाणा, पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भी धूल का गुबार है। राजस्थान से आ रही दक्षिण पश्चिमी हवाएं धूल लेकर आ रही हैं और पहाड़ों के कारण धूल आगे नहीं जा पा रही है। बारिश होने के बाद धूल हट जाएगी। उन्होंने बताया कि मानसून 22 जून के बाद ही उत्तराखंड में दस्तक देगा।