केरल की तरह सोमवार को उत्तराखंड में भी बाढ़ जैसे हालात हो गए। दो दिन से लगातार हो रही बारिश ने जमकर आफत बरसाई है।
टनकपुर-पिथौरागढ़ हाईवे पर पेड़ की चपेट में आने से लोहाघाट के मल्ला बापरू की भागीरथी देवी (52) की मौत हो गई। खटीमा के पकड़िया क्षेत्र में खकरा नाले में बहने से पीलीभीत के ग्राम जमुनिया माधोटांडा निवासी ऐबरन लाल (50) की जान गई। मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों के दौरान भारी बारिश का चेतावनी जारी की है। नानकमत्ता बैराज से भारी मात्रा में पानी छोड़ा जा रहा है।
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बारिश से उफान पर किरोड़ा नाला
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टनकपुर में किरोड़ा और बाटनागाड़ नालों के उफान में आने से पूर्णागिरि मार्ग घंटों बंद रहा। किरोड़ा नाले को पार करते समय नायकगोठ निवासी रोहित जोशी स्कूटी के साथ बह गया। अग्निशमन विभाग के कर्मियों ने उसे बचा लिया। उधमसिंह नगर में बाढ़ जैसे हालात हैं। खटीमा में लोग नाव से आवागमन कर रहे हैं। नानकमत्ता विधायक प्रेम सिंह राणा ने भी नाव से पहुंचकर थाने का निरीक्षण किया। ऊधमसिंह नगर में ड्रोन कैमरे से नानक सागर बैराज के जल स्तर पर निगरानी रखी जा रही है। नानकमत्ता में देवहा के उफनाने से कच्चे झाले धराशायी हो गए। बनबसा के मझगांव में भी बाढ़ जैसे हालात हैं। लोगों के घर जलमग्न हो गए हैं।
मलबा के चलते टनकपुर-चंपावत हाईवे समेत कुमाऊं में 46 सड़कें बंद हैं। इनमें चंपावत में 19, पिथौरागढ़ में 12, बागेश्वर में 7, नैनीताल में 5 और अल्मोड़ा में तीन सड़कें शामिल हैं। टनकपुर-चंपावत एनएच के बंद होने से रविवार से डेढ़ सौ से ज्यादा यात्री और वाहन सूखीढांग में फंसे हुए हैं। सोमवार को भी टनकपुर से पहाड़ी मार्गों के लिए वाहनों का संचालन ठप रहा। रोडवेज की कुछ बसों को वाया हल्द्वानी, लोहाघाट और पिथौरागढ़ भेजा गया। शारदा बैराज से दूसरे दिन भी वाहन का संचालन बंद रहा।
मुनस्यारी के मंसूरीकांठा लाछुली में रामगंगा पर बने पुल का पिलर ध्वस्त हो गया। इसके चलते पुल से वाहनों की आवाजाही रोक दी गई है। यह पुल पिथौरागढ़ और बागेश्वर जोड़ता है। हल्द्वानी में शहर की तमाम सड़कें जलमग्न हो गईं। गौला का जलस्तर 2961 क्यूसेक से बढ़कर 4404 क्यूसेक पहुंच गया।