उत्तराखंड में बागेश्वर की डीएम रंजना राजगुरु ने अधिकारियों की टीम के साथ आपदा की दृष्टि से संवेदनशील हिमालयी क्षेत्र से सटे खातीगांव पहुंचकर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। खाती गांव मानसून अवधि और बर्फबारी के दौरान सर्वाधिक प्रभावित होता है। उन्हें यूं पैदल गांव जाता देख सब लोग हैरान रह गए।
डीएम ने गांव में आपदा को ध्यान में रखते हुए की गई तैयारियों का जायजा लिया। उन्होंने पीएमजीएसवाई खंड के ईई अनिल कुमार को खातीगांव को जोड़ने के लिए स्वीकृत सड़क का निर्माण शीघ्रता से करने के निर्देश दिए। सड़क निर्माण में आने वाली बाधाएं दूर करने के लिए नियमित रूप से पत्राचार करने को कहा। इसके साथ ही डीएम ने पिंडारी ग्लेशियर के ट्रैकिंग रूट का जायजा भी लिया।
जिला पर्यटन अधिकारी कीर्ति चंद्र आर्या को ट्रैकिंग रूट पर विभिन्न स्थानों पर साइन बोर्ड लगाने के साथ ही रूट के बीच में सार्वजनिक शौचालयों की व्यवस्था करने के निर्देश दिए, ताकि मार्ग से आने वाले ग्रामवासियों, पर्यटकों को इसका लाभ मिल सके।
डीएम ने पैदल मार्ग पर हुए भूस्खलन के कारण मनरेगा से बनाई गई सुरक्षा दीवार का निरीक्षण किया। उस पर सूचना पट्ट लगाने के निर्देश दिए। कहा कि कोरोना के कारण खाती गांव में पर्यटन ठप है। लोगों को सरकारी योजनाओं का लाभ हर हाल में मिलना चाहिए। ताकि खाती जैसे दूरस्थ क्षेत्र के गांव के लोगों की आजीविका पर नकारात्मक प्रभाव न पड़े।
भ्रमण के दौरान खाती गांव के लोगों ने बिजली की समस्या उठाते हुए कहा कि पोल और लाइन बिछने की बात भी कही। डीएम ने एसडीएम प्रमोद कुमार को बिजली की समस्या के समाधान के लिए उरेडा और यूपीसीएल से समन्वय कर गांव के लोगों को बिजली दिलाने के निर्देश दिए। संचार सुविधा दिलाने के लिए डीडीओ केएन तिवारी से विस्तृत कार्ययोजना बनाने को कहा।