बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर आचार्य धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री शनिवार को देहरादून पहुंचे। परेड ग्राउंड के खेल मैदान में उनका दिव्य दरबार लगा। उन्होंने एक बार फिर भारत को हिन्दू राष्ट्र की मांग दोहराई। हर बार की तरह ही उन्होंने लोगों के पर्चे खोले ओर उनकी समस्या के बारे में बात की। उनके दरबार को लेकर भक्तों में खासा उत्साह दिखा।
Bageshwar Dham: दून में सजे दरबार में बोले धीरेंद्र शास्त्री-पर्चा तो बहाना है, असल में तुम्हे सनातनी बनाना है
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
देहरादुन में जल्द ही करेंगे पांच दिन की कथा
उन्होंने कहा कि पर्चा तो बहाना है असल मे तुम सब को सनातनी बनाना है। कहा कि, सनातन के संतों को छोड़कर किसी की क्षमता नहीं है कि बागेश्वर धाम का सामना कर सके। कहा कि उत्तराखंड में सीडीएस बिपिन रावत की धरती पर पशुपति नाथ मंदिर बन रहा है। उन्होंने कहा कि अबकी बार कम समय मिला है। देहरादुन में जल्द ही पांच दिन की कथा करेंगे।
एक झलक दिखे, इसके लिए क्या-क्या नही किया
बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र शास्त्री दुनियाभर में प्रसिद्ध है। शुक्रवार को उनका देहरादून में पहली बार दिव्य दरबार लगा। उनकी एक झलक देखने को लोगों ने क्या-क्या नहीं किया। कोई पुलिस से झड़प गया तो कोई सुबह से ही दरबार में आगे खड़े होने के लिए परेशान रहा। एक झलक दिख जाए इसके लिए उनके भक्त आसपास ऊंचे स्थानों पर चढ़ गए। कोई परेड ग्राउंड में पानी की टंकी पर चढ़ गया।
सुबह से शुरू हो गया था भक्तों के आने का सिलसिला
परेड ग्राउंड के खेल मैदान में धीरेंद्र शास्त्री के दरबार को लेकर भक्तों में खासा उत्साह था। भक्तों का सुबह से ही दरबार मे आने का सिलसिला शुरू हो गया था। दरबार मे महिलाएं सुबह से ही आकर अपना स्थान कब्जाने लगी थी। भरी धूप में महिलाएं पंडाल में बैठकर भजन कीर्तन करने लगी। महिलाओं का कहना था कि, धीरेंद्र शास्त्री का दरबार देहरादून में पहली बार लग रहा है।
ये भी पढ़ें...Earthquake: भूकंप के झटकों ने उत्तराखंड के लोगों को फिर से किया अलर्ट, ऑफ्टर शॉक की संभावना कायम
देरी से शुरू हुआ दरबार, भक्तों का जोश रहा बरकरार
धीरेंद्र शास्त्री का दून में पहली बार दरबार लगा तो काफी बड़ी संख्या में भक्त उनके दरबार में पहुँचे। आयोजकों की ओर से दरबार शुरू होने का समय 4 बजे दिया गया था। इसलिय भक्त सुबह से ही दरबार में आकर बैठ गए। लेकिन धीरेंद्र शास्त्री तकनीकी समस्या के कारण तय समय से करीब चार घंटे देरी से पहुंचे, लेकिन इस दौरान भी भक्तों का जोश कम नहीं हुआ। जहा मंच पर थोड़ी हलचल होती तो सभी भक्त खड़े होकर जयश्री राम के जयकारे लगाने लगे। धीरेंद्र शास्त्री रात 8:20 बजे मंच पर पहुंचे। उनके आते ही भक्तों में जोश भर गया। जय श्रीराम के जयकारों से दून गूंज उठा।