बीते दो दिन से राजधानी दून में रुक-रुक कर हो रही बारिश ने सात साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। अधिकतम तापमान में भी तीन डिग्री कमी दर्ज की गई है। 24 घंटे के आंकड़ों पर नजर डालें तो देहरादून में 118 एमएम बारिश हुई। जबकि, वर्ष 2015 में यह आंकड़ा 114.7 एमएम दर्ज किया गया था।
आफत की बारिश: मौसम का रौद्र रूप देख कांपा हरिद्वार, सड़कें बनीं दरिया, घुटनों तक भरा पानी, डरा रहीं तस्वीरें
मौसम विभाग की ओर से मंगलवार सुबह साढ़े आठ बजे तक लिए गए 24 घंटे के आंकड़ों के अनुसार दून में 450 फीसदी अधिक बारिश हुई। मानसून में इस दिन सामान्य 21.5 एमएम की बारिश होती है। जबकि, हरिद्वार जिले में सबसे अधिक 154.2 एमएम और सबसे कम अल्मोड़ा जिले में 2.6 एमएम बारिश हुई। वहीं, बारिश से शहर के कई इलाके जलमग्न हो गए। इनमें सैकड़ों लोग अपने ही घरों में कैद हो गए।
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देहरादून में भरा पानी
- फोटो : अमर उजाला
मौके पर पहुंची पुलिस ने इन घरों से 100 से अधिक लोगों को बाहर निकाला। पुलिस का यह अभियान सुबह से लेकर शाम तक जारी रहा। कई जगहों पर एसडीआरएफ की भी मदद ली गई। इन लोगों को स्थानीय आश्रय स्थलों में ठहराया गया है।
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देहरादून में भरा पानी
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रातभर हुई बारिश के बीच जब मंगलवार सुबह आंख खुली तो सैकड़ों लोगों के लिए घरों से निकलने का कोई रास्ता न बचा। चारों ओर पानी ही पानी था। चीख-पुकार मची तो कुछ लोगों ने पुलिस को फोन किया। पहला मामला पटेलनगर थाना क्षेत्र के भूड़पुर गांव का था।
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देहरादून में पानी में फंसे लोगों का रेस्क्यू
- फोटो : अमर उजाला
इंस्पेक्टर पटेलनगर सूर्यभूषण नेगी ने बताया कि इस गांव में तीन घरों के चारों ओर पानी भर गया था। घरों में भी पानी आ गया था। इससे लोग परेशान हो गए। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर मानव श्रंखला बनाकर रस्सियों के सहारे इन तीन घरों के 17 लोगों को बचाया गया।
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देहरादून में भरा पानी
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इसी बीच दूसरी कॉल क्लेमेंटटाउन थाने को आई थी। यहां पर कश्मीरी कॉलोनी, ब्रह्मपुरी बस्ती के आसपास के घरों में ब्रह्मपुरी नाले का पानी घुस गया था। यहां के लगभग 25 परिवार फंस गए थे। एसओ क्लेमेंटटाउन शिशुपाल सिंह राणा ने बताया कि इन घरों के लगभग 90 लोगों को बचाया। इस दौरान कई स्थानों पर एसडीआरएफ भी पहुंची थी।