चोर घर में आधी रात को दाखिल हुए और लाखों की रकम लेकर फरार हो गए। पुलिस भी पूरा मामला देखकर हैरानी में पड़ गई। उत्तराखंड के रुद्रपुर में आदर्श कॉलोनी चौकी क्षेत्र में खाद्य विभाग के विपणन सहायक नरेश चौहान के घर बदमाशों ने गृह स्वामी को बंधक बनाकर लाखों की लूट कर डाली। बदमाशों ने विपणन सहायक के हाथ-पांव बांधने के साथ ही उनके किराएदारों का कमरा बाहर से बंद कर जेवर, नकदी सहित लाखों रुपयों की लूटपाट की। बदमाशों के जाने के करीब पांच घंटे बाद विपणन सहायक के शोर मचाने के बाद किरायदारों ने उन्हें बंधनमुक्त किया।
आधी रात को घर में घुसे चोरों ने मचाया 'तांडव', ऐसे ले उड़े सोना-चांदी समेत लाखों की रकम, तस्वीरें
बदमाश हल्द्वानी में राधा हत्याकांड और लूटपाट मामले की तरह ही खिड़की के रास्ते अंदर घुसे थे। बदमाश यहां खिड़की की चिटकनी तोड़कर अंदर घुसे थे। कुत्ते को भी बदमाशों ने नशीला पदार्थ खिला दिया था। विपणन सहायक के घर डकैती की सूचना से पुलिस में हड़कंप मच गया। आनन-फानन में तीन एएसपी के साथ पुलिसकर्मियों ने घटनास्थल का मुआयना कर पीड़ितों से बदमाशों और लूटे गए सामान की जानकारी ली। फॉरेंसिक टीम ने फिगर प्रिंट और अन्य सुबूत जुटाए।
एसएसपी ने घटना के खुलासे के लिए चार टीमें गठित करने के साथ ही एसओजी को भी लगाया गया है। कॉलोनी की गली नंबर छह में किच्छा में तैनात विपणन सहायक नरेश चौहान का आवास है। भूतल में नरेश का परिवार रहता है, जबकि प्रथम तल में नमकीन कारोबारी शिवेन सेठी परिवार के साथ किराए पर रहते हैं। बृहस्पतिवार देर रात करीब दो बजे पांच से अधिक बदमाश नरेश के आवास के प्रथम तल में मौजूद खिड़की की चिटकनी तोड़कर अंदर घुस गए। उन्होंने सो रहे किराएदार शिवेन, उनके भाई मेहुल, रजत और मां ममता सेठी के कमरे का दरवाजा बाहर से बंद कर दिया। बदमाशों ने किरायेदार के दूसरे कमरे में स्थित अलमारी खंगालकर वहां से 40 हजार की नकदी, सोने की तीन अंगुठियां, चांदी के 40 सिक्के और दो मोबाइल लूट ले गए।
इसके बाद बदमाश नरेश के बेडरूम में घुसे और सो रहे नरेश के हाथ-पांव रस्सी से बांध दिए, मुंह में कपड़ा ठूंस दिया और आंखों पर भी पट्टी बांध दी ताकि वह उन्हें न देख सके । इसके बाद बदमाशों ने नरेश को गोली मारने की धमकी देकर सेफ की चाबी हासिल की। उन्होंने सेफ में रखे चार तोला सोने के जेवरात, करीब 15 हजार की नकदी, घड़ी, मोबाइल और अन्य सामान लूट लिया। करीब डेढ़ घंटे तक बदमाश लूटपाट करने के बाद वहां से गए।
यह लूट का मामला है। घटना के खुलासे के लिए चार टीमें लगाई गई हैं। एक टीम को मोबाइल ट्रैकिंग, दूसरी और तीसरी टीम को लूट, डकैती में लिप्त पुराने बदमाशों की लोकेशन, रिकॉर्ड खंगालने में लगाया गया है। एक टीम आसपास के सीसीटीवी फुटेज को खंगाल रही है। एसओजी को भी खुलासे में लगाया गया है। अंदेशा है कि बाहरी जिलों से आए बदमाशों खासकर खानाबदोश गिरोह का वारदात में हाथ हो सकता है। हल्द्वानी में हुई लूटपाट की घटना भी इससे मिलती जुलती है। मामले के खुलासे के प्रयास किए जा रहे हैं।