उत्तराखंड में सरकार ने कोविड कर्फ्यू 15 जून तक बढ़ा दिया है। कर्फ्यू बढ़ाए जाने के विरोध में प्रदेशभर के व्यापारियों में रोष है। व्यापारी रोज कभी काली पट्टी बांधकर, कभी ताली-थाली तो कभी शंख और घंटा बजाकर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं।
सोमवार को भी हरिद्वार में व्यापारियों ने सरकार के खिलाफ सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन किया। वहीं, रुद्रपुर में भी व्यापारी सड़कों पर उतरे। उधर, देहरादून में कांग्रेस ने व्यापारियों के समर्थन में प्रदर्शन किया।
उत्तराखंड: 15 जून तक बढ़ा कोरोना कर्फ्यू, राशन की दुकानें हफ्ते में दो और शराब के ठेके तीन दिन खुलेंगे
व्यापारियों ने आरोप लगाया कि सरकार के फैसले से निम्न एवं मध्यम वर्गीय व्यापारी, ट्रैवल्स व होटल व्यापारी पूरी तरह बर्बाद हो चुके हैं। कोरोना संक्रमण अब कम होने लगा है। इसके बाद भी सरकार अपनी जिद पर अड़ी है। बाजार खोलने की अनुमति नहीं दे रही है और न ही कोई राहत पैकेज दिया जा रहा है।
टैक्स और बिजली-पानी के बिल और बच्चों के स्कूल फीस माफ नहीं की जा रही है। सरकार की जिद का व्यापारी वर्ग लगातार विरोध कर रहा है। सरकार सुनने को तैयार नहीं है। व्यापारी कुंभकर्णी नींद में सोई सरकार को जगाने के लिए चरणबद्ध आंदोलन जारी रखेंगे।
वहीं, देहरादून में व्यापार मंडल ने मुख्यमंत्री को ज्ञापन प्रेषित कर दुकानों को आठ घंटे के लिए ऑड-ईवन व्यवस्था में खोलने, व्यापारियों को फ्रंटलाइन वर्कर घोषित करने, कोरोना से जान गंवाने वाले व्यापारियों के परिवारों को 20-20 लाख रुपये देने, सभी प्रकार के टैक्स छह माह के लिए स्थगित करने की मांग की।