कोरोना संकट के बीच विश्व प्रसिद्ध चारधाम यात्रा की रौनक भी कम हो गई है। आज 24 अगस्त को भारत में कोरोना वायरस के कारण लागू हुए लॉकडाउन के पांच महीने पूरे हो गए हैं। वहीं, इस बीच उत्तराखंड में चारधाम(बदरीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री, यमुनोत्री) के कपाट भी खोले गए। एक महीने तक यात्रा शुरू नहीं की गई। लेकिन चारधाम में सन्नाटा तब टूटा जब सरकार ने यात्रा केवल उत्तराखंड के मूल निवासियों के लिए खोल दी। देश-विदेश के तीर्थयात्री यहां नहीं आ सके। वहीं, उत्तराखंड के भी बेहद कम ही तीर्थयात्री पहुंचे। तस्वीरें देखिए...
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गंगोत्री धाम 2019/2020
- फोटो : अमर उजाला
बता दें कि साल 2019 में तमाम दुश्वारियों के बाद भी तीर्थयात्रियों की आस्था के कदम नहीं डिगे थे। तीर्थ यात्रियों ने एक नया रिकॉर्ड कायम किया था। साल 2018 की तुलना में 2019 में 22.6 प्रतिशत यात्री बढ़े थे। पिछले साल चारधाम व हेमकुंड साहिब में कुल 34 लाख 10 हजार 380 श्रद्धालुओं ने दर्शन किए। जबकि वर्ष 2018 में 27 लाख 81 हजार 428 श्रद्धालु पहुंचे थे।
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बदरीनाथ धाम 2019/2020
- फोटो : अमर उजाला
इस साल बदरीनाथ धाम के कपाट 30 अप्रैल को ब्रह्म मुहूर्त में सुबह 4.30 बजे खोले जाने थे। लेकिन कोरोना को देखते हुए इतिहास में पहली बार धाम के कपाट खोलने की तिथि बदली गई। बदरीनाथ धाम के कपाट 15 मई को खोले गए। इस दौरान बदरीनाथ धाम के मुख्य पुजारी, धर्माधिकारी, अपर धर्माधिकारी व अन्य पूजा स्थलों से जुड़े 28 लोगों को ही कपाट खोलने के दौरान मंदिर में प्रवेश की अनुमति मिली।
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केदारनाथ धाम 2019/2020
- फोटो : अमर उजाला
केदारनाथ धाम कपाट इस साल 29 अप्रैल को खोले गए। कपाट खुलने के बाद सबसे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से रूद्राभिषेक पूजा संपन्न की गई। ग्यारहवें ज्योतिर्लिंग केदारनाथ भगवान के कपाट मेष लग्न, पुनर्वसु नक्षत्र में प्रातः छह बज कर 10 मिनट पर विधि-विधान के साथ पूजा अर्चना के बाद खोले गए। इस अवसर पर मंदिर को 10 कुंतल फूलों से सजाया गया था।
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यमुनोत्री धाम 2019/2020
- फोटो : अमर उजाला
गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट इस साल 26 अप्रैल को खोले गए। शुभ मुहूर्त में दोपहर 12 बजकर 35 मिनट पर गंगोत्री धाम और 12 बजकर 41 मिनट पर यमुनोत्री धाम के कपाट खोले गए थे। इस अवसर पर पीएम नरेंद्र मोदी ने भी अक्षय तृतीया महापर्व की शुभ बेला पर मंदिर समिति गंगोत्री को 1100 रुपये दान स्वरूप दिए थे। लॉकडाउन की पाबंदियों के चलते इस बार केवल 21-21 तीर्थ पुरोहित कपाटोद्घाटन में शामिल हो सके।