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छठ पर्व पर 34 साल बाद बन रहा महासंयोग, ऐसा करने से जिंदगी भर बनी रहेगी शनि-राहु की कृपा
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
Updated Wed, 25 Oct 2017 10:18 AM IST
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सूर्य उपासना का महापर्व छठ नहाय-खाय के साथ मंगलवार से शुरू हो गया। चार दिन तक चलने वाले इस महापर्व पर 34 साल बाद महासंयोग बना है। इससे शनि और राहु की कृपा बनी रहेगी।
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आचार्य बिपिन जोशी के अनुसार छठ महापर्व के पहले दिन मंगलवार को गणेश चतुर्थी और सूर्य का रवि योग भी है। ऐसा महासंयोग 34 साल बाद बन रहा है। रवि योग में छठ की विधि-विधान शुरू करने से भगवान सूर्य हर मनोकामना भी पूरी करते हैं।
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चाहे कुंडली में कितनी भी बुरी दशा चल रही हो, शनि-राहु कितने ही भारी क्यों न हों, सूर्य के पूजन से सभी परेशानियों का नाश हो जाता है। ऐसे में महासंयोग में यदि सूर्य को अर्घ्य देने के साथ हवन किया जाए तो आयु बढ़ती है।
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छठ पूजा
पहले दिन नहाय-खाय के साथ छठ की शुरुआत होती है। मान्यता है कि पूरी निष्ठा के साथ पर्व का परायण करने वाले की हर मन्नत पूरी होती है। इसके अलावा संतान चाहने वाले दंपत्तियों की सूनी गोद भर जाती है। इस व्रत को धारण करने में विशेष शुद्धता और सफाई का विधान है। इसके चलते मंगलवार को नहाय-खाय के पहले लोगों ने घरों की सफाई की और विधि-विधान से व्रत का संकल्प लिया। वहीं व्रतियों ने अपना बिस्तर फर्श पर लगा लिया जो व्रत पूर्ण होने तक जमीन पर ही सोएंगे।
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वाराणसी में छठ
वहीं दूसरी ओर महापर्व के पहले दिन बिहारी महासभा की ओर से टपकेश्वर मंदिर के पास तमसा नदी की सफाई की गई और टूटे-फूटे घाटों की मरम्मत कर कुछ नए घाट बनाए गए। अभियान में डा. रंजन कुमार, सुरेंद्र कुमार अग्रवाल, एसके सिन्हा, आलोक सिन्हा आदि शामिल थे। सुबह से शाम तक चले इस अभियान के बीच कद्दू-भात बांटा गया।