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बादल फटने से तबाही: पानी आया था उठाने... जो जग गए वो बच गए, जो नहीं उठे वो बह गए; जिंदा बचे मजदूरों की आपबीती

Mon, 30 Jun 2025 10:09 AM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, देहरादून
अमर उजाला नेटवर्क, देहरादून Published by: शाहरुख खान Updated Mon, 30 Jun 2025 10:09 AM IST
सार

उत्तरकाशी के बड़कोट के सिलाई बैंड के पास शनिवार को देर रात बादल फटने से यमुनोत्री हाईवे का करीब 20 मीटर हिस्सा बह गया। वहीं, ऊपरी क्षेत्र में बादल फटने से टैंटों में रह रहे नौ मजदूर पानी और मलबे के तेज बहाव की चपेट में आने से लापता हो गए। बाद में दो लोगों के शव बड़कोट में यमुना नदी में मिले।

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Cloudburst causes devastation in Uttarkashi Silai Band Labourers who survived the flood narrated their ordeal
बड़कोट सिलाई बैंड के पास भूस्खलन क्षेत्र में लापता लोगों की खोजबीन करते एसडीआरएफ के जवान - फोटो : जागरूक पाठक
उत्तरकाशी के सिलाई बैंड में शनिवार देर रात करीब एक बजे बादल फटने से टिन और प्लाई से बने टेंटों में पानी घुस गया। जब जमीन पर सो रहे मजदूरों को पानी से ठंड का अहसास हुआ तो वह उठकर भागने लगे, लेकिन शरीर पर पानी लगने के बावजूद कुछ मजदूरों की नींद नहीं टूटी। इससे पहले कि जाग चुके मजदूर अपने साथियों को उठाते, मलबा उन्हें अपने साथ बहा ले गया। इस बीच दूसरे टैंट में रह रहे मजदूरों ने दरवाजा खोलने की कोशिश की। वह नहीं खुला तो उन्होंने प्लाई तोड़कर बाहर भागकर अपनी जान बचाई। 


घटनास्थल से भागकर अपनी जान बचाने वाले 20 मजदूरों में शामिल नेपाल के हरिकृष्ण चौधरी ने बताया कि क्षेत्र में बहुत तेज बारिश हो रही थी। वह रोज की तरह चार से छह की संख्या में कुछ-कुछ दूरी पर बनाए गए अपने टेंटों में सो रहे थे। 
Cloudburst causes devastation in Uttarkashi Silai Band Labourers who survived the flood narrated their ordeal
उत्तरकाशी में गंगोरी संगमचट्टी मोटर मार्ग हुआ क्षतिग्रस्त - फोटो : ग्रामीण
पानी के साथ बहकर आने लगा मलबा
अचानक कमरे में पानी घुसा, वहां पर कुछ लोग जमीन पर सो रहे थे। शरीर पर पानी लगने से जब ठंड महसूस हुई, तो वह उठ गए, तब तक पानी के साथ मलबा बहकर आने लगा, वह लोग बाहर भागे और अपने साथियों को आवाज देकर जगाने की कोशिश की। 

 
Cloudburst causes devastation in Uttarkashi Silai Band Labourers who survived the flood narrated their ordeal
बड़कोट सिलाई बैंड के पास भूस्खलन क्षेत्र में लापता लोगों की खोजबीन करते एसडीआरएफ के जवान - फोटो : जागरूक पाठक
कमरे में लगी प्लाई को तोड़कर बाहर आए
इस दौरान जो जाग गया वह बच गया और जो नहीं जागा वह सैलाब के साथ बह गया। वहीं कीर्ति बहादुर ने बताया कि जब उन्होंने बाहर से साथियों की आवाज सुनी तब तक पानी और मलबा आने के कारण कमरे का दरवाजा सीज हो गया था। फिर उन्होंने कमरे के एक ओर लगी प्लाई को तोड़कर बाहर भागे। 

 
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Cloudburst causes devastation in Uttarkashi Silai Band Labourers who survived the flood narrated their ordeal
बड़कोट सिलाई बैंड के पास भूस्खलन क्षेत्र में लापता लोगों की खोजबीन करती रेस्क्यू टीम - फोटो : आपदा प्रबंधन
कहा कि घटना में बचे हुए 20 लोगों के पास कोई कपड़ा नहीं बचा है। जो शरीर पर पहना हुआ था वही बचा हुआ है। पालीगाड पहुंचने पर ग्रामीणों ने उन्हें कपड़े दिए हैं। वहीं बहने वालों में कई लोग पैसा और कपड़े बचाने के चक्कर में बह गए। 
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उत्तरकाशी में बादल फटने से तबाही - फोटो : अमर उजाला
बादल फटने से नौ मजदूर मलबे में बहे
उत्तरकाशी के बड़कोट के सिलाई बैंड के पास शनिवार को देर रात बादल फटने से यमुनोत्री हाईवे का करीब 20 मीटर हिस्सा बह गया। वहीं, ऊपरी क्षेत्र में बादल फटने से टैंटों में रह रहे नौ मजदूर पानी और मलबे के तेज बहाव की चपेट में आने से लापता हो गए। बाद में दो लोगों के शव बड़कोट में यमुना नदी में मिले।
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