देवभूमि के इस हिल स्टेशन के सामने स्विट्जरलैंड का प्राकृतिक सुंदरता भी फीकी है। तस्वीरों में देखिए...
देवभूमि के इस हिल स्टेशन की अनछुई हरियाली के सामने फीका है स्विट्जरलैंड
चोपता की कुदरती खूबसूरती और अनछुई हरियाली आपके दिलो-दिमाग में उतर जाएगी। यहां की नम हवा आपके तन-मन को तरोताजा कर देगी। उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले में समुद्र तल से 9515 फुट की ऊंचाई पर बसे चोपता एक पड़ाव है जहां केदारनाथ और बद्रीनाथ के बीच चलने वाली गाड़ियां सुस्ताने के लिए रुकती हैं।
गर्मियों में भी यहां कड़ाके की ठंड पड़ती है। बारिश भी बिन-बुलाए मेहमान की तरह अचानक ही आकर सराबोर कर जाती है।उत्तराखंड में गढ़वाल के सबसे सुंदर इलाकों में से चोपता की शांति और इसकी आबोहवा का जादू अब भी बरकरार है। बुरांश और बांज के पेड़ों के बीच से गुजरते हुए आप कई तरह के पंछियों की आवाजें एक साथ सुन सकते हैं।
शाम के वक्त दूर तक फैसे घास के मैदान में बैठ कर केदारनाथ और चौखंभा की चोटियों को देखें तो ढलते सूरज की रोशनी में सोने की तरह चमकती बर्फ आंखों को चौंधिया देती है।
विजयदशमी के बाद तुंगनाथ मंदिर बंद होते ही चोपता में वीरानी छा जाती है। तुंगनाथ देवता के मक्कूमठ जाने के साथ ही यहां के लोग भी अपने-अपने गांव रवाना हो जाते हैं। लगभग चार महीनों तक बर्फ की चादर ओढ़े समूचा इलाका सन्नाटे में डूबा होता है।